लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सफर सुगम हो और समय की बचत हो तो पैसे मायने नहीं रखते. ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और घंटों देरी से परिचालन के कारण बिहार के लोगों को हवाई सफर खूब भा रहा है.  2016-17 में जितने लोगों ने पटना से हवाई यात्रा की उससे चार लाख अधिक यात्री 2017-18 के दस माह में सफर कर चुके हैं.

2014-15 से 2018-19 के बीच इस सेक्टर की वृद्धि दर 36.6 फीसदी दर्ज की गई है. एक वर्ष की अवधि में हवाई याज्ञा करने वाले पैसेंजरों की संख्या 9.5 लाख बढ़ी है. 2017-18 में 31.11 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की थी, वहीं 2018-19 में यह संख्या बढ़कर 40.61 लाख हो गई है. इसी अवधि में उड़ान की संख्या में 7690 बढ़ोतरी हुई है.

विमान यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी का बड़ा कारण बिहार से गुजरने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट का होना भी है. देश में सर्वाधिक 10 वेटिंग लिस्ट वाली ट्रेनों में अधिकांश बिहार से शुरू होती हैं, पहुंचती हैं या फिर गुजरती हैं. दिल्ली, मुंबई, कोलकता, लखनऊ, रांची सहित अन्य शहरों में काम करने वाले राज्य के लोग जब ट्रेन से छुट्टियों में आते हैं तो दो दिन ट्रेन में ही गुजर जाता है. ऐसे में हवाई यात्रा से अल्प अवधि की छुट्टी का पूरा सदुपयोग होता है.

पटना से दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में फस्र्ट एसी का किराया करीब 3300 रुपये पड़ता है. यदि यात्रा पूर्व नियोजित हो तो एडवांस हवाई टिकट कटाने पर 3300 से 3700 रुपये में ही पटना से दिल्ली के बीच विमान यात्रा कर सकते हैं. ट्रेन में पूरी रात गुजारने की बजाय दो घंटे में एक हजार किलोमीटर दूर मंजिल तक पहुंच सकते हैं.