गिरिराज की राह पर बिस्फी विधायक, हरिभूषण ठाकुर के बिगड़े बोल से आया सियासी भूचाल

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार विधानसभा के पहले सत्र में विवादित बयान को लेकर गरमागरमी का माहौल अभी ठंडा नहीं पड़ा है. इसे लेकर सूबे में सियासत तेज है. विवादित बयान के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पुतले फूंके जा रहे हैं. लेकिन इससे कोई सबक नहीं लेते हुए अब बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने विवादित बयान देकर सियासी गलियारे को गरमा दिया है.

बता दें कि शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन तेजस्वी ने नीतीश कुमार को लेकर विवादित बयान दिया था. बाद में उस बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया. लेकिन उसी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपा खो दिया और वे आगबबूला हो गए थे. तेजस्वी के विवादित बयान को लेकर युवा जेडीयू की ओर से आंदोलन जारी है. युवा जेडीयू की माने तो जबतक तेजस्वी माफी नहीं मांगेंगे, तबतक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.    



विवादित बयान का ताजा मामला मधुबनी के बिस्फी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल का है. दरभंगा में आयोजित विद्यापति पर्व में कहा कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना दुनिया का सबसे बड़ा झूठ है. उन्हीं के शब्दों में- ‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना दुनिया में सबसे बड़ा झूठ है, मजहब खूब सिखाता है आपस में बैर करना, मजहब सिखाता है कि कोई आपकी बात नहीं मानता है तो काट दो. लेकिन हमारी संस्कृति सिखाती है कि पत्थर में भी भगवान है, हर चीज में देवता है.’ उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि हम खूब काम करते हैं, खून देते हैं, लेकिन लोग हमें वोट नहीं देते, क्योंकि हम भारतीय जनता पार्टी से आते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि 500 साल पहले तुलसीदास ने लिखा कि जड़-चेतन सब में भगवान हैं. हम राम-कृष्ण, गीता, आदि शंकराचार्य और विद्यापति को मानने वाले लोग हैं, लेकिन जब इनकी चर्चा करते हैं तो लोगों को लगता है कि ये हमारे मजहब के दुश्मन हैं. हो सकता है कि 47 के पहले, 69-71 से पहले बांग्लादेश में भी विद्यापति पर्व मनाया जाता हो, होली-दिवाली, रामायण, गीता कश्मीर में भी हुआ करते थे, लेकिन अब कहां है? हो सकता है कि 100-200 साल में दरभंगा से भी चले जाएं, इसलिए सभी लोग संकल्प लें कि मर जाएंगे, कट जाएंगे लेकिन अपनी संस्कृति को नहीं छोड़ेंगे.’