जीत से पहले ही ‘घर की गंदगी’ साफ करने में लग गए मनोज तिवारी

नई दिल्ली : चुनाव बाद के सभी एग्जिट पोल कह रहे हैं कि दिल्ली के एमसीडी चुनाव में भाजपा को बहुत बड़ी जीत मिलने जा रही है. पिछले चुनावों के मुकाबले 23 अप्रैल को वोट कम गिरे,फिर भी भारी जीत को लेकर भाजपा निश्चिन्त है. बेचैनी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में है. दिल्ली के एमसीडी चुनाव को दिल्ली के वोटरों का मिजाज जानने का थर्मामीटर माना जाता है.

दिल्ली के एमसीडी चुनाव में भाजपा की जीत बिहार वाले दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सांसद मनोज तिवारी मृदुल के राजनीतिक कद को निश्चित तौर पर बढ़ा देगा. चुनाव के कुछ महीने पहले ही दिल्ली भाजपा के घाघ नेताओं के बदले मनोज तिवारी को पार्टी की कमान सौंप राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा दांव खेला था. अब यह सफल होत भी दिख रहा है. दांव पूर्वांचल (बिहार-यूपी) के वोटरों को भाजपा के पक्ष में करना था. याद रखें,दिल्ली विधान सभा के पिछले चुनाव में भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के मुकाबले किरण बेदी को उतारा था और बुरे तरीके से हार गई थी.

मनोज तिवारी ने एमसीडी चुनाव में भाजपा को महाविजय दिलाने को खूब पसीना बहाया. यूपी के नतीजों ने राह और आसान कर दी थी. पंजाब की करारी हार से अरविंद केजरीवाल की चमक दिल्ली में भी फीकी पड़ी है. भाजपा ने एमसीडी का चुनाव भी बहुत अग्रेसिव मोड में लड़ा.

23 अप्रैल को हुए चुनाव के बाद थोड़ा सुस्ताने का अवसर था. मनोज तिवारी ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा भी है. थोड़ा आराम किया. लेकिन अब तैयार हूं. जाहिर है,मतगणना की तैयारी करनी होगी. इस तैयारी के पहले मनोज तिवारी और भी बहुत कुछ कार्य कर रहे हैं.

आज मंगलवार 25 अप्रैल को जब मनोज तिवारी दिल्ली के अपने सरकारी बंगले पर सोकर उठे,तो उन्हें गंदगी दिखी. फिर क्या था,झाड़ू खुद पकड़ ली. बंगले के फर्श पर लगी गंदगी को ठीक से साफ किया. उसके बाद पेड़-पौधों पर निगाहें डाली. बेतरतीब हुए पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई की. इसके बाद पूरे दिल्ली से आये भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मतगणना और उसके बाद के विजयोत्सव की तैयारियों में व्यस्त हो गए.

बताया जा रहा है कि दिल्ली की जीत के बाद मनोज तिवारी अपने होम स्टेट बिहार भी जाएंगे. मनोज की माताजी गांव में ही रहती हैं. गांव जाकर मां का आशीष प्राप्त करेंगे. बिहार में बहुत पोलिटिकल एक्टिविटी बढ़ाने का मनोज तिवारी का विशेष इरादा तो नहीं है,लेकिन पार्टी नेतृत्व के कहने पर विशेष एफर्ट करने को तैयार हैं. बिहार प्रदेश भाजपा के लिए खास चुनौती वाला स्टेट है,जहां लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के समक्ष अब भी कोई रणनीति कामयाब नहीं होती दिख रही है.

दिल्ली के एमसीडी चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने भी किस्मत आजमाया है. लेकिन भाजपा की कोर टीम यह मानने को अभी तैयार नहीं है कि जदयू की नोटिस लायक कोई उपस्थिति दर्ज होने जा रही है. चुनाव में बिहार के वोटरों को रिझाने के लिए नीतीश कुमार ने दिल्ली में रोड शो भी किया था. उनके करीब माने जाने वाले राज्य सभा के सांसद आरसीपी सिंह ने तो पूरे चुनाव के दौरान दिल्ली में कंपेन किया. वैसे यह बात सभी स्वीकारने लगे हैं कि नीतीश कुमार के शराबबंदी के अभियान का समर्थन कई प्रदेशों में बढ़ता जा रहा है. यूपी में तो शराब के ठेकों पर महिलाओं का हल्ला बोल आंदोलन कहीं न कहीं रोज हो रहा है. दिल्ली में भी मांग बढ़ रही है. खैर,कल बुधवार को सबकी निगाहें दिल्ली के एमसीडी चुनाव के नतीजों पर ही रहने वाली है.

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