माता-पिता की सेवा पर नीतीश कैबिनेट का फैसला ऐतिहासिक, सराहनीय बताया संजय मयूख ने

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः बिहार में सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. अब नीतीश कैबिनेट के इस फैसले की सराहना बीजेपी के नेता कर रहे हैं. दरअसल सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि बेटे-बेटियों के साथ-साथ रिश्तेदारों की तरफ से प्रताड़ित होनेवाले माता-पिता प्रताड़ना को लेकर अब डीएम के पास अपील कर सकते हैं. मतलब साफ है कि अगर बुढ़ापे में मता-पिता को सताया तो जेल जाना पड़ सकता है. नीतीश कैबिनेट के इस फैसले का बीजेपी एमएलसी संजय मयूख ने स्वागत किया है. फैसले को ऐतिहासिक बताया है.

माता-पिता को सताया तो जाएंगे जेल

दरअसल, मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई. जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए और 17 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई. कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि अब माता-पिता की सेवा करना अनिवार्य होगा.

बिहार में माता-पिता की शिकायत पर सेवा नहीं करने वाले बच्चों को अब जेल भी जाना पड़े सकत है. साथ ही बिहार कैबिनेट में सीएम वृद्धा पेंशन योजना को अब राइट टू सर्विस एक्ट में शामिल करने का भी फैसला किया गया है. राज्य सरकार ने अनुभव और कानूनविदों की राय से परिवार न्यायालय से अपील की सुनवाई करने का अधिकार स्थानांतरित कर डीएम को सौंप दिया है.

कैबिनेट की बैठक में समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 के तहत में गठित अपील अधिकरण के अध्यक्ष अब डीएम को बनाने की मंजूरी दी गयी. कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट सचिव संजय कुमार व समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने बताया कि यह कानून पहले से है.

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