गुजरात तो जीत गए, लेकिन यहां बीजेपी की बढ़ गई हैं मुश्किलें

लाइव सिटीज डेस्क : भले ही गुजरात में बीजेपी जीत गई हो. लेकिन सीटों का नुकसान तो हुआ है. 116 सीट से घट कर 99 सीट पर आने वाली बीजेपी के लिए अब नई मुश्किलें पैदा हो गई हैं. कम सीट जीतने का खामियाजा यह होगा कि उन्हें राज्यसभा में कम से km 2 सीट का नुकसान उठाना पड़ सकता है. राज्य सभा में अगले साल मार्च में 14 राज्यों के 50 से ज्यादा सदस्यों के चयन के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में पार्टी अपनी सभी सीटें बरकरार नहीं रख पाएगी.

टीओआई में छपी खबरों के  मुताबिक 2 अप्रैल 2018 को पार्टी के चार राज्य सभा सदस्य रिटायर हो जाएंगे. गुजरात विधान सभा चुनावों में 99 सीट जीतने वाली बीजेपी केवल 2 ही सीटें (एक राज्यसभा सीट के लिए 36 विधायकों का वोट जरूरी होता है) बचा पाएगी, जबकि बाकी दो कांग्रेस के खाते में जाएंगी. जो भाजपा सदस्य अप्रैल में राज्य सभा से रिटायर होंगे, उनमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, परषोत्तम रुपाला, मनसुख मंडाविया और शंकरभाई वेगाद शामिल हैं.



फिलहाल 11 राज्य सभा सदस्यों में से 9 बीजेपी के लिए इस राज्य से आते हैं. अगले द्विवार्षिक चुनावों के बाद बीजेपी के सिर्फ 7 सदस्य रह जाएंगे. गौरतलब है कि यूपी और महाराष्ट्र विधान सभा चुनावों के बाद बीजेपी ने राज्य सभा में अपनी स्थिति मजबूत की थी. उसे यूपी से 7 और महाराष्ट्र से 2 सीटें मिलेंगी, जिससे अगले साल NDA की सूची 84 से बढ़कर 100 के करीब पहुंच जाएगी. हिमाचल प्रदेश में मिली जीत से बीजेपी राज्य सभा में अपनी सीट बचा पाएगी. 2 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश से बीजेपी के राज्य सभा सांसद और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रिटायर हो जाएंगे.