बागी नेताओं के खिलाफ बीजेपी का कड़ा रूख, 9 लोगों को पार्टी से किया निष्कासित

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पार्टी से बागी होकर चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले नेताओं को बीजेपी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल ने पत्र जारी कर इन लोगों को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित करने का आदेश जारी किया है.

बीजेपी से निष्कासित किए गए नेताओं में राजेन्द्र सिंह-रोहतास, रामेश्वर चौरसिया-रोहतास, डॉ0 उषा विद्यार्थी-पटना ग्रामीण, रवीन्द्र यादव-झाझा, श्वेता सिंह-भोजपुर, इन्दु कश्यप-जहानाबाद, अनिल कुमार-पटना ग्रामीण, मृणाल शेखर, और अजय प्रताप-जमुई को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है.



पार्टी ने 9 बागी नेताओं को निष्कासित करने का आदेश देते हुए कहा कि आप लोग एनडीए प्रत्याशी के विरूद्ध चुनाव लड़ रहे हैं. इससे एनडीए के साथ-साथ पार्टी की छवि धूमिल हो रही है. यह पार्टी अनुशासन के विरूद्ध कार्य है. इसलिए आप लोगों को पार्टी विरोधी इस कार्य के कारण पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है.

बता दें कि रामेश्वर चौरसिया पार्टी के फायर ब्रांड नेता माने जाते थे. प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा करते थे. लेकिन नोखा सीट जैसे ही जदयू के खाते में गई कि वे पार्टी छोड़कर लोजपा के टिकट पर सासाराम से चुनावी मैदान में उतर गए.

वहीं साल 2015 में पार्टी के सीएम फेस के रूप में अचानक से चर्चा में आए राजेन्द्र सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष थे. दिनारा सीट जदयू कोटे में चली गई तो वे भी बिना देरी किए भाजपा से नाता तोड़ लिए और लोजपा के उम्मीदवार बन चुके हैं. 

इसी तरह पालीगंज सीट जदयू के कोटे में जाने के बाद वहां की विधायक रहीं उषा विद्यार्थी ने भी लोजपा का दामन थाम लिया. भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता रहीं श्वेता सिंह भी लोजपा के टिकट पर संदेश से चुनावी मैदान में उतर गई हैं.

जबकि भाजपा कार्यसमिति की सदस्य इंदू कश्यप जहानाबाद तो एक समय भाजपा से नाता रखने वाले राकेश कुमार सिंह ने भी पार्टी का दामन त्यागकर घोसी से लोजपा के उम्मीदवार बन चुके हैं.

साल 2015 के चुनाव में अमरपुर से मृणाल शेखर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ च़ुके हैं. इस बार यह सीट जदयू के कोटे में चली गई तो मृणाल शेखर ने पार्टी को त्यागकर लोजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर गए हैं.