राजगीर में बीजेपी की दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर, डॉक्टर संजय जायसवाल ने कहा- पंचायत चुनाव में दमखम से उतरेगी बीजेपी

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क :  हैदराबाद के निकाय चुनाव के परिणाम से बीजेपी उत्साहित है और अब वह पूरी प्लानिंग के साथ बिहार के पंचायत चुनाव में उतरना चाहती है. इसका सबसे बड़ा पार्ट कैंडिडेट का चयन होगा. राजगीर में आज से शुरू हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बीजेपी नेताओं को साफ-साफ कहा गया है कि इस चुनाव में दलों की दूरियां मिटाकर राष्ट्रवादी कैंडिडेट उतारें, जिसके खिलाफ गुटबाजी की आशंका ही नहीं हो.

प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ही मजबूत भागीदारी दिखाना नहीं है, बल्कि सत्ता के हर सोपान तक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी है. पार्टी ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद, हर जगह अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी.



प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के अलावा प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, राष्ट्रीय सचिव हरीश द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद हैं. रविवार को इस शिविर का समापन होगा. बैठक के पहले भूपेंद्र यादव ने मीडिया से कहा कि कैबिनेट विस्तार में कोई प्रॉब्लम नहीं है. खरमास के बाद सब ठीक हो जाएगा.

इधर आज राजधानी पटना में भी जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की एजेंडा तय करने को लेकर बैठक हुई. जिसमें सीएम नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह, प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी समेत तमाम वरीय नेता मौजूद रहे. बैठक को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक अच्छे से हुई. विधिवत रूप से हमने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से त्याग पत्र दिया और आरसीपी सिंह का नाम प्रस्तावित किया, जिसको सबने स्वीकार भी किया. हमने चुनाव लड़ने वालों की बात आज भी सुनी और पहले भी सुनी. चुनाव प्रचार के समय शाम में आते थे तभी संदेह पैदा हो गया था.

चुनाव में जेडीयू के खराब परफॉर्मेंस को लेकर सीएम ने कहा कि एनडीए में 5 महीना पहले तय होना चाहिए थी सारी बातें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसमें कैंडिडेट की कहीं से कोई गलती नहीं है. इतना कम समय था कि पता नहीं चला कौन साथ दे रहा है नहीं दे रहा है. सभी वर्ग के लोगों को टिकट बंटवारे में जगद दी गयी. हमने मुस्लिम को 11 टिकट दिया, महिलाओं को मौका दिया.

उन्होंने कहा कि सरकार के कामों को हमारे साथियों ने घर घर तक नहीं पहुंचाया. लोगों ने दुष्प्रचार किया, जिसका इफैक्ट पड़ा. पूरे चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के बुरे पहलू का इस्तेमाल किया गया. हम हर जगह बोले के नई पीढ़ी को बताइए कितना काम हुआ,यह जरूरी है हर चीज़ के बारे में अपने काम को बताइए कि कोरोना में इतना काम हुआ. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 3 घंटा तक हमने सरकार की उपलब्धियों को बताने का काम किया, वो भी समय छोटा पड़ गया.

हमने कितने लोगों को सम्मान दिया, हर समिति  में जगह दी, लेकिन वो लोग पार्टी छोड़ दिए. अगर अभी भी किसी को दिक्कत है तो हमारी पार्टी छोड़ दें.  45 लाख से ज्यादा लोग पार्टी के सदस्य है. हमने सभी को इज्जत दिया, लेकिन अब जो काम करेंगे उसी को इज्जद देंगे.

जब हमारे लोग कम जीते तो हमारा मन नहीं था मुख्यमंत्री बनने का, लेकिन अपनी पार्टी और बीजेपी के चलते मान गए. लेकिन जबसे सरकार में आए हम बैठे हुए नहीं है. जिस क्षेत्र से आप लोग हार भी गए वहां का विकाश कैसे हो, देखिए और क्रेडिट लीजिए.