बिहार में अब गंगा में 50km की रेंज में होगा नौका विहार, ये है मकसद

लाइव सिटीज डेस्क : भले ही गंगा नदी में कई मौकों पर नाव हादसे की खबर मिलती रही हो, बावजूद इस सबके सरकार नौका विहार पर जोर दे रही है. ऐसा इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है. बता दें कि वन एवं पर्यावरण विभाग सुल्तानगंज से कहलगांव तक गंगा में नौका विहार कराएगा. डॉल्फिन अभयारण्य क्षेत्र में इको टूरिज्म मार्च के अंत तक शुरू हो जाएगा.

सबसे बड़ी बात यह है कि यह नौका विहार कोई एक या दो किलोमीटर का नहीं बल्कि 50 किलोमीटर का होगा. गंगा विहार कराने की जिम्मेदारी एजेंसी को सौंपी जाएगी. मार्च में यह शुरू हो जाए इसके लिए कार्य में तेजी लायी जा रही है. नौका विहार के लिए सरकार के पास टेंडर का प्रस्ताव भेज दिया गया है. निर्देश मिलते ही एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

नौका विहार से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए डीएफओ एस सुधाकर ने जानकारी दी कि इको टूरिज्म के तहत नौका विहार के लिए एक बोट खरीदी जा चुकी है. जो आधुनिक संसाधनों से लैस है. 15 लाख की इस बोट में 25 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. नौका उत्तरप्रदेश के रुढ़की से मंगाई गई है.  गंगा किनारे बसे शहरों में इस पर लगा कंप्लीट बैन, इस्तेमाल किया तो देना होगा भारी जुर्माना 

विक्रमशिला महाविहार को देखने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भागलपुर से होते हुए कहलगांव जाते हैं. किंतु भागलपुर में गंगा घाटों पर नौका विहार का साधन नहीं होने से सैलानी जलीय जीवों और उसकी विशेषता को नहीं जान पाते थे. किंतु इको टूरिज्म शुरू होते ही बड़ी संख्या में देसी व विदेशी पर्यटक इसका लाभ उठा पाएंगे. इससे भागलपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

मार्च के अंत तक नौका विहार शुरू करा दिया जाएगा. लोग मोटर बोट के सहारे जलीय जीव डॉल्फिन सहित प्रवासी पक्षियों को सहजता से न सिर्फ देख पाएंगे, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा में उनके योगदान को भी जान पाएंगे. ख़ास बात यह है कि पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञ भी बतौर गाइड साथ होंगे जो लोगों को जलीय जीव एवं प्रवासी पक्षियों की जानकारी देंगे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*