नरेन्‍द्र मोदी के निर्देश पर पप्‍पू यादव की गिरफ्तारी मामले की CBI जांच शुरु  

पटना : विगत 27 मार्च  2017 को बिहार विधान सभा घेराव आंदोलन के बाद जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक व सांसद पप्‍पू यादव को गिरफ्तार करने वाले पटना पुलिस के अधिकारियों की परेशानी बढ़ सकती है . दरअसल,इस मामले में प्रधान मंत्री कार्यालय के निर्देश पर सीबीआई ने जांच शुरु कर दी है . गिरफ्तारी के बाद पप्‍पू यादव को करीब महीने भर जेल में रहना पड़ा था . 

पीएमओ ने सीबीआई को जांच करने को कहा है, इस आशय की जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेट्री मणि राम ने पप्‍पू यादव की पार्टी के नेशनल जेनरल सेक्रेट्री फजील अहमद को पत्र लिखकर दी है . फजील अहमद ने पूरे मामले में प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी को पत्र लिखा था और बिहार पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी की कार्रवाई को गलत ठहराया था .

बताते चलें कि पीएमओ के निर्देश पर सीबीआई की जांच शुरु हो गई है . सीबीआई पहले पूरे मामले को पता कर रिपोर्ट तैयार करेगी,फिर आगे की कार्रवाई होगी . मतलब यह कि अभी तुरंत सीबीआई की ओर से किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कर ली गई है . आपको बताते चलें कि 27 मार्च को पप्‍पू अपनी पार्टी की ओर से आयोजित बिहार विधान सभा घेराव कार्यक्रम में भाग लेने को गर्दनीबाग पहुंचे थे . हजारों की संख्‍या में पप्‍पू समर्थक पहुंचे हुए थे . फिर अचानक झड़प शुरु हो गई थी . पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े .

सांसद पप्‍पू यादव का कहना था कि उनके साथ सीआपीएफ की सुरक्षा नहीं होती,तो बिहार पुलिस वाले मार ही देते . पप्‍पू आंदोलन स्‍थल से निकल एक न्‍यूज चैनल के लाइव शो में चले गये थे . फिर जब वे मंदिरी स्थित आवास पर पहुंचे थे,तो लाव-लश्‍कर के साथ पुलिस पहुंच गई थी . घंटों ड्रामा चलता रहा था . पप्‍पू का कहना था कि बगैर वारंट गिरफ्तारी नहीं देंगे . वहीं से उन्‍होंने लोक सभा की अध्‍यक्षा सुमित्रा महाजन से भी बातचीत की थी . पुलिस के पास दिन के मामले का वारंट नहीं था,फिर रात को एक पुराने मामले में अरेस्‍ट कर जेल भेज दिया गया था .

गिरफ्तारी के अगले दिन पप्‍पू यादव की पत्‍नी सांसद रंजीता रंजन ने लोक सभा में मामला उठाया था . पप्‍पू ने भी जेल से पटना पुलिस के कई अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर कराया . पुलिस ने उनके खिलाफ गर्दनीबाग मामले में धारा 307 का भी प्रयोग कर प्रोडक्‍शन वारंट लगा दिया था .

गिरफ्तारी मामले में तब और बखेड़ा हो गया था,जब उन्‍हें पेशी को कोर्ट ले जाते वक्‍त हाथ में पुलिस ने हथकड़ी लगा दी थी . कोर्ट की नाराजगी के बाद इसे खोला गया था . सांसद रंजीत रंजन ने इस मामले को फिर से कांग्रेस सांसदों के साथ मिलकर इस मामले को लोक सभा में उठा दिया था,जिस पर स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने रिपोर्ट मांग ली थी . तब कई पुलिसवाले सस्‍पेंड कर दिए गए थे . पप्‍पू ने मामले को लोक सभा के विशेषाधिकार कमेटी के पास ले जाने की बात भी कही थी . पर,अब तो नरेन्‍द्र मोदी के निर्देश पर पूरे मामले में सीबीआई की जांच शुरु हो चुकी है . रिपोर्ट जल्‍द सौंपी जाएगी .       ‍

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