इस यूनिवर्सिटी से बीएड कर रहे हैं तो ध्यान दें, नहीं चलेगा कोई जुगाड़

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में कई प्राइवेट कॉलेज किसी न किसी यूनिवर्सिटी से सम्बद्धता लेकर बीएड का कोर्स करवा रहे हैं. साथ ही कई सरकारी कॉलेज में भी बीएड कोर्स की सुविधा है. लेकिन इन सब के बीच यह खबर भी खूब आती है कि कई कैंडिडेट जुगाड़ कर लेते हैं और सिर्फ परीक्षा देकर डिग्री हासिल कर लेते हैं. क्लासेस से उनको कोई मतलब नहीं होता है. अब इस हालात से निपटने के लिए मगध यूनिवर्सिटी ने प्लान तैयार कर लिया है.

मगध विश्वविद्यालय के बीएड कॉलेजों में स्थिति दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई है. एमयू प्रशासन ने सभी बीएड कॉलेजों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया है. इसमें छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक, कर्मचारी सबको बायोमेट्रिक अटेंडेंस के बाद ही कैंपस में प्रवेश करना होगा. बायोमेट्रिक अटेंडेंस में सबका आधार नंबर भी जोड़ने को एमयू प्रशासन ने अनिवार्य किया है. सोमवार को एमयू के सिंडिकेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में बीएड कॉलेजों के खराब रिजल्ट के बाद हुए हंगामे की भी चर्चा हुई. इसके बाद सभी प्राइवेट बीएड कॉलेजों को ऐसी घटनाएं रोकने के लिए विद्यार्थियों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है.

स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया होगी शुरू

एमयू प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देश के बाद 18 मई 2017 तक 62 वर्ष की उम्र पार करने वाले प्राचार्यों को हटा दिया. छह कॉलेजों में प्राचार्य हटे. अब 12 कॉलेजों में स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी विवि के सिंडिकेट ने मंजूरी दे दी. हालांकि जो प्राचार्य हटे हैं, उन्होंने कोर्ट में भी आवेदन दिया है. उन पर कोई अन्य निर्णय कोर्ट केे फैसले के बाद लिया जाएगा.

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