बिहार कैबिनेट में सवर्णों की संख्या बढ़ी, कायस्थ फिर भी शून्य

लाइव सिटीज डेस्क: बिहार में एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का ​पहला विस्तार आज शनिवार 29 जुलाई को संपन्न हुआ. 26 नए मंत्री बने. मंगल पाण्डेय को शपथ बाद में दिलाई जाएगी. वे समय पर हिमाचल प्रदेश से लौट नहीं पाए थे. महागठबंधन की सरकार जाने और एनडीए की सरकार बनने से कई बदलाव दिखे हैं. बिहार कैबिनेट में सवर्ण मंत्रियों की संख्या बढ़ गई है.

महागठबंधन की सरकार में लालू प्रसाद ने राजद से किसी भी सवर्ण को ​मंत्री नहीं बनाया था. कांग्रेस ने ब्राह्मण जाति से मदन मोहन झा और राजपूत जाति से अवधेश कुमार सिंह को मंत्री बनाया था. जदयू ने राजपूत जाति से ही जय कुमार सिंह को मंत्री बनाए रखा था. भूमिहार जाति से ललन सिंह जदयू कोटे के मंत्री थे. इस तरह महागठबंधन की सरकार में सवर्ण मंत्रियों की कुल संख्या चार थी. लेकिन, महागठबंधन की सरकार जाने के बाद एनडीए की नई सरकार में सवर्ण समाज का प्रभाव अधिक बढ़ा है. अब संख्या चार से बढ़कर सात हो गई है. भूमिहार समाज से जदयू के ललन सिंह फिर से मंत्री बने हैं, जबकि इसी जाति से भाजपा ने विजय कुमार सिन्हा और सुरेश शर्मा को पहली बार मंत्री बनवाया है.

राजपूत जाति से मंत्री बने जय कुमार सिंह पुराने हैं, लेकिन इसी जाति से राणा रंधीर सिंह पहली बार मंत्री बने हैं. राणा रंधीर के पिता पहले सांसद हुआ करते थे. ब्राह्मण जाति का प्रतिनिधित्व भी महागठबंधन की तुलना में एक से बढ़कर दो हो गया है. दोनों भाजपा कोटे के हैं. विधान पार्षद विनोद नारायण झा ने आज शपथ ले ली है, जबकि मंगल पाण्डेय बाद में शपथ लेंगे. किसी भी कायस्थ को मंत्री नहीं बनाया गया है. बहुत चर्चा नितिन ​नवीन की थी, लेकिन वे बन नहीं पाए.