सीबीआई ने तय समय के पहले ही दाखिल किया जवाब, लालू की क्या बढ़ सकती है मुश्किल ?

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की मुश्किल क्या बढ़ सकती है? झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर क्या डिसिजन लेगा? क्या लालू जेल से इस माह बाहर आ पाएंगे? उन्हें जमानत मिल जाएगी? कई ऐसे सवालों से बिहार से लेकर झारखंड तक राजद समर्थक जूझ रहे हैं. जवाब किसी के पास नहीं है. कयासबाजी तेज है.

इन सवालों के मायने तब बढ़ जाते हैं, जब​ सीबीआई ने निर्धारित समय से पहले ही अपना जवाब रांची हाईकोर्ट में दाखिल कर दिया है. इसके बाद से ही राजद समर्थकों की धड़कनें बढ़ गई हैं. अब सबको 27 नंवबर का इंतजार है, जब जमानत मामले पर सुनवाई होगी.  



दरअसल, बहुचर्चित चारा घोटाला के मुख्य आरोपी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव सजायाफ्ता हैं. वे रांची के होटवार जेल में कैद हैं और जेल प्रशासन की निगरानी में रिम्स में उनका इलाज चल रहा है. चार मामलों में वे सजायाफ्ता हैं, लेकिन तीन मामलों में उन्हें जमानत मिल गई है. केवल दुमका कोषागार का मामले में जमानत नहीं मिली है. रांची हाईकोर्ट में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई हो रही है. 

दुमका कोषागार मामले की सुनवाई पहले 9 नवंबर को होनी थी, लेकिन लालू से ही जुड़े एक अन्य मामले की सुनवाई 6 नवंबर को होने वाली थी. तब लालू के अधिवक्ता की ओर से अर्जेंट बेसिस पर जमानत की याचिका की भी उसी दिन सुनवाई करने का अनुरोध किया गया था. इसका मुख्य कारण था कि बिहार चुनाव का 10 नवंबर को रिजल्ट आने वाला था. समर्थकों को उम्मीद थी कि लालू उसी दिन बाहर आ जाएंगे. रिजल्ट महागठबंधन के पक्ष में आने पर वो इस खुशी में शिरकत करेंगे. लेकिन 6 नवंबर की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई थी. इस पर कोर्ट ने हिदायत के साथ कहा कि 25 नवंबर तक सीबीआई अपना जवाब दाखिल कर दे. साथ ही सुनवाई की डेट 27 नवंबर निर्धारित कर दी.

अब सीबीआई ने अपने निर्धारित समय से 24 घंटे पहले ही अपना जवाब दाखिल कर दिया है. इसकी पुष्टि सीबीआई के अधिवक्ता धीरज कुमार ने भी की है. सीबीआइ ने अपने जवाब में कहा है कि लालू ने दुमका कोषागार मामले में अभी तक आधी सजा नहीं काटी है. साथ ही सीआरपीसी की धारा 427 का भी मुद्दा उठाया है.

बता दें कि लालू यादव के खिलाफ झाखंड में चारा घोटाले के 5 मामले दर्ज हैं. इनमें से 4 मामलों में वे दोषी करार दिए जा चुके हैं. लेकिन, इन 4 मामलों में से 3 में उन्हें जमानत मिल चुकी है. केवल दुमका मामले में जमानत नहीं मिली है.

इन मामलों में अब तक साढ़े 13 साल की सजा हुई है. लालू के अधिवक्ता का कहना है कि वे आधी सजा काट चुके हैं. इसके साथ वे कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं. इन आधारों पर कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई गई है. ये चारों मामले चाईबासा, दुमका व देवघर से जुडे हैं. जबकि चारा घोटाले का पांचवा मामला डोरंडा कोषागार से जुड़ा है. इसे अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जाता है. इसमें करीब 139.35 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है.