लालू यादव को लंबे अर्से तक जेल में कैद रखना चाहती है सीबीआई, सजा बढ़ाने की मांग

Lalu-yadav
फाइल फोटो

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्‍क : सीबीआई चाहती है कि राजद सुप्रीमो लालू यादव अधिक दिनों तक जेल काटें . कम सजा के कारण जल्‍दी जेल से बाहर न आ जाएं . इस नजरिए से सीबीआई ने रांची हाई कोर्ट में दरख्‍वास्‍त लगा दी है . सीबीआई का मानना है कि विशेष अदालत ने देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा कम सुनाई है . वे अधिक सजा के हकदार हैं . इसलिए, रांची हाई कोर्ट मामले की सुनवाई करे .

सीबीआई की याचिका गुरुवार को रांची हाई कोर्ट में दाखिल की गई है . लालू यादव अभी न्‍यायिक हिरासत में बीमार होने के कारण रांची के रिम्‍स में इलाज को भर्ती हैं . जाहिर तौर पर सीबीआई की नई ख्‍वाहिश लालू यादव की परेशानी को और बढ़ाएगी . रेलवे टेंडर घोटाले मामले में लालू यादव एंड फैमिली को अभी दिल्‍ली की अदालत का नया फेरा भी लगा है .

रांची हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में सीबीआई ने कहा है कि विषेष अदालत ने चारा घोटाले के देवघर मामले में सजा सुनाते हुए आरोपियों के लिए अलग – अलग अवधि की सजा सुनाई, जोकि गलत है . सबों के खिलाफ एक जैसा ही आरोप और साक्ष्‍य था . सो, सजा बराबर होनी चाहिए थी . सीबीआई की राय में सभी सात वर्षों की सजा के हकदार थे, जोकि संबद्ध अपराध की अधिकतम सजा है . पर, विशेष अदालत ने लालू यादव की सजा सात साल की बजाय आधी साढ़े तीन साल कर दी .

जगन्‍नाथ मिश्रा को बरी किया जाना भी गलत

सीबीआई ने रांची हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा है कि देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्‍य मंत्री डा. जगन्‍नाथ मिश्रा को बरी कर दिए जाने का विशेष अदालत का फैसला भी ठीक नहीं था . इसलिए वह फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे रही है . जान लें, डा. जगन्‍नाथ मिश्रा अभी जमानत पर बाहर हैं .

सीबीआई ने डा. जगन्‍नाथ मिश्रा के साथ ही पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद और ध्रुव भगत को बरी किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी है . हाई कोर्ट सीबीआई की याचिका पर जल्‍द सुनवाई करने का फैसला करेगी .

आर के राणा को भी अधिक सजा मिले

सीबीआई ने लालू यादव के साथ देवघर मामले में और कई सजायाफ्ता की सजा बढ़ाने की अपील की है . इसमें पूर्व सांसद आर के राणा के साथ बिहार सरकार के पूर्व आईएएस अधिकारियों में फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद के साथ सुधीर भट्टाचार्य का नाम भी शामिल है .