रंजीत सिन्हा के खिलाफ कोयला घोटाले में सीबीआई ने केस दर्ज किया

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नई दिल्ली : आखिरकार सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा फंस ही गए. सिन्हा बिहार के ही रहनेवाले हैं. सीबीआई ने उनके खिलाफ कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई जांच को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिन्हा की मुश्किलें निश्चित तौर पर बढ़ेगी.

सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर ए के शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक़ रंजीत सिन्हा के विरुद्ध सीबीआई की प्राथमिकी PC एक्ट 1988 की सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज की गई है. प्रथम दृष्टया यह अपराध प्रतीत हुआ है कि सिन्हा ने सीबीआई के निदेशक पद पर रहते हुए गलत आचरण किया. सिन्हा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच का इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर एंटी करप्शन – 2 के SP श्रीकिरण एस को बनाया गया है.

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दर्ज प्राथमिकी में यह बताया गया है कि रंजीत सिन्हा तब कोल ब्लाक आवंटन के आरोपियों से मिलते रहे, जब सीबीआई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कर रही थी. यह सीबीआई के मुखिया के रूप में रंजीत सिन्हा का गलत आचरण था. सुप्रीम कोर्ट ने सिन्हा के मामले को जांचने को सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर एम एल शर्मा के नेतृत्व में एक टीम का गठन 21 सितम्बर 2015 को किया था.

एम एल शर्मा ने 23 जनवरी 2017 को अपनी रिपोर्ट सौंपी. इस रिपोर्ट में भी यह पाया गया कि निदेशक के तौर पर रंजीत सिन्हा का आचरण ठीक नहीं था. वे आरोपियों से बगैर जांच टीम के मिल रहे थे. अतएव, ऐसे मामले में कार्रवाई की जरुरत है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और एम एल शर्मा की जांच टीम की रिपोर्ट को आधार मानते हुए सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की है. आगे की जांच में रंजीत सिन्हा की मुश्किलें निश्चित तौर पर बढ़ने जा रही हैं.

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