अब जागी सीबीआई, रडार पर जमशेदपुर के कई डेवलपर्स, जाना पड़ेगा जेल

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्‍क : बिहार – झारखंड में भी कई बड़े – छोटे नीरव मोदी हैं . अब हल्‍ला मचा है, तो इनके नकाब भी उतरने शुरु हो गए हैं . पटना के एक बहुत बड़े कारोबारी के खिलाफ बैंकिंग फ्रॉड मामले में सीबीआई की प्रारंभिक जांच केस दर्ज करने की दिशा में आगे बढ़ रही है . लेकिन इसके पहले पटना के कारपोरेशन बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाले जमशेदपुर के कई कारोबारियों के खिलाफ सीबीआई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने 27 फरवरी को रांची में केस रजिस्‍टर्ड किया है .

वैल्‍यूर को भी एक्‍यूज्‍ड बनाया गया है . कारण कि यहां भी फ्रॉड नीरव मोदी की तरह है . स्‍टॉक का फर्जी वैल्‍यूएशन कर करोड़ों का लोन दे दिया गया, जिसे अब सबों ने मिलकर डकार लिया है . फ्रॉड पटना के कारपोरेशन बैंक के जोनल आफिस से किया गया है . यह फ्रॉड 2014-2015 में किया गया . फ्रॉड को एकांउट के एनपीए होने के बाद 2016 में ही पकड़ा जाना चाहिए था, लेकिन 2018 में केस दर्ज कराया जा रहा है .



Copy of FIR
रांची में दर्ज हुई है एफआईआर, सीबीआई की हलचल तेज

यह फ्रॉड कोई 6 करोड़ 77 लाख रुपये का अभी दिख रहा है . इस मामले में जमशेदपुर के मेसर्स रामनंदी एस्‍टेट्स प्रा. लि., चांडिल के साथ-साथ कंपनी के डायरेक्‍टर अखौरी गोपाल संगीता अखौरी, अखौरी निशांत और अखौरी नितेश को नामजद किया गया है . गलत वैल्‍यूएशन करने वाले वैल्‍यूअर संजय कुमार को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया है . दर्ज केस की प्राथमिकी से स्‍पष्‍ट है कि बैंकिंग फ्रॉड में बंशी धर के खातों का भी इस्‍तेमाल हुआ, जोकि गोपाल अखौरी के पिता हैं .

सीबीआई ने केस रजिस्‍टर्ड करने के बाद इकोनॉमिक ऑफेंस विंग,रांची यूनिट के एडिशनल एसपी अशेष कुमार को केस का इनवेस्‍टीगेशन आफिसर नियुक्‍त किया है . जल्‍द ही सीबीआई अगली कार्रवाई की ओर बढ़ेगी . सीबीआई से संकेत मिल रहे हैं पटना के एक और बड़े व्‍यापारी का बैंक से किया गया फर्जीवाड़ा प्रारंभिक जांच में प्रमाणित होने की ओर है,जिसके बाद एफआई आर दर्ज की जाएगी .