इंसेफेलाइटिस के कहर पर जागी केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्री 13 जून को आएंगे मुजफ्फरपुर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार से एक बड़ी खबर आ रही है. इंसेफेलाइटिस के कहर पर केंद्र सरकार जग गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन गुरुवार को मुजफ्फरपुर का दौरा करेंगे. डॉ. हर्षवर्धन के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी साथ में रहेंगे. अबतक इंसेफेलाइटिस से बिहार में करीब 56 लोगों की मौत हो चुकी है.

केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने इस पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर और गया की बीमारी के मामले में अधिकारियों से संपर्क किया गया है. अश्विनी चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में है. केंद्र सरकार मुजफ्फरपुर जाकर इस मामले पर गंभीरता से जांच करेगी. इसी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन 13 जून को मुजफ्फरपुर आ रहे हैं. मुजफ्फरपुर SKMCH में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है. डॉक्टर अरुण के नेतृत्व में अस्पताल अधीक्षक से ब्यौरा ले रही है.



आपको बता दें कि बिहार में चमकी बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है. चमकी-तेज बुखार से अब तक 56 बच्चों की जान जाने की खबर है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस आंकड़े की पुष्टि नहीं कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सिर्फ 11 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. वो भी उनमें से किसी की मौत चमकी बुखार से होने से इनकार किया गया है. खास तौर पर उत्तरी बिहार में इस जानलेवा बिमारी को लेकर हड़कंप मचा हुआ है.

उत्तर बिहार के 6 जिलों में कहर

हालात इमरजेंसी जैसे बने हुए हैं. पक्के तौर पर अभी भी पता नहीं कि आखिर ये बीमारी क्या है. उत्तर बिहार के 6 जिलों- मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली में रहस्यमय बुखार का कहर जारी है. चमकी बुखार तो स्थानीय भाषा में लोग कहते हैं लेकिन लक्षण के आधार पर डॉक्टर्स इसे AES यानी एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम बता रहे हैं.

5 से 15 साल के बच्चों को खतरा

चमकी बुखार 5 से 15 साल के बच्चों को होता है जिसमें बच्चे को तेज बुखार और शरीर में ऐंठन होती है और हाइपोग्लाइसीमिया की दिक्कत हो जाती है. हाइपोग्लाइसीमिया यानी शरीर में ग्लूकोज़ का लेवल गिर जाता है. शुगर लेवल कम होने से बच्चों की मौत हो जाती है. कई बच्चों में सोडियम की मात्रा भी बेहद कम हो जाती है.

सीएम नीतीश कुमार भी इस बात को लेकर चिंतित हैं. वो खुद कह रहे हैं कि इस मामले में जागरूकता की कमी है. मुजफ्फरपुर में ही पिछले 24 घंटे में अस्पतालों में भर्ती कराए गए 5 बच्चों की मौत हो गई है. 23 नए बच्चों को मंगलवार को दोनों अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद ने बताया कि 124 बच्चों का इलाज चल रहा है.