चकाई बनेगा चंडीगढ़, महावीर वाटिका इको पार्क का विधायक सुमित सिंह ने किया निरीक्षण

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : चकाई को चंडीगढ़ बनाने की घोषणा के पथ पर निर्दलीय विधायक सुमित सिंह बढ़ चले हैं. उन्होंने महावीर वाटिका ईको पार्क का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि चकाई बनेगा चंडीगढ़ की मेरी संकल्पना करीब एक दशक पहले की है. 110 एकड़ में फैला माधोपुर स्थित महावीर वाटिका ईको पार्क है. यह पार्क दर्शाता है कि चकाई-सोनो क्षेत्र में कितनी संभावनाएं हैं.

मेरी शुरू से दृष्टि रही है कि चकाई विधानसभा क्षेत्र पर प्रकृति की जो अनुपम कृपा है उसका दोहन न करके सिर्फ सुंदर तरीके-से इस्तेमाल हो तो पूरे बिहार ही नहीं, देश का सर्वोत्तम प्रकृति पर्यटन का स्थल बन सकता है. मैं सदैव इसके लिए प्रयासरत था, अब जबकि यह बनकर तैयार हो गया तो इसके सम्पूर्ण संवर्द्धन और इसे राष्ट्रीय-अंतरराज्यीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के मकसद से मैं आज इसका स्थल निरीक्षण किया. इसे इस रूप में संवर्द्धित करना है जिससे यह बिहार-झारखंड राज्य के नागरिकों के बीच ही नहीं प्रकृति पर्यटन के प्रति उत्सुक पर्यटकों के लिए नेशनल लेवल पर आकर्षण का केंद्र बने. बिहार झारखंड की सीमा पर देवघर से महज 20-22 किमी दूर है. वहां एयरपोर्ट तैयार हो रहा है, इसके बाद इसके लिए संभवनाएं असीम है.



 इसलिए मैं इसे अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप और बहुत सारी सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में प्रयास करूंगा. यहां कैफेटेरिया, थियेटर, महावीर कुंड में भगवान महावीर की प्रतिमा, बर्ड पार्क, झरना बनाने का मांग के साथ इसकी समुचित कार्ययोजना एवं इसकी समुचित ब्रांडिंग के बारे में अपना नजरिया औपचारिक रूप से सरकार से साझा करूंगा. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विधायक मद से पार्क में हाईमास्ट लाइट लगवाएंगे. भविष्य में यहां बोटिंग हो, बटरफ्लाई जोन, मधुमक्खी फार्मिंग के लिए भी प्रयास करेंगे. इस पार्क में जो भी आवश्यकता होगी उसे हम प्राथमिकता के तौर पर पूरा करेंगे ताकि अपना चकाई विधानसभा क्षेत्र चंडीगढ़ बनने की ओर अग्रसर हो.

मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि नए साल में यहां आएं, प्रकृति, मनोरंजन और आनंद के अनुपम समावेश का लाभ जरूर उठाएं. शहरी जीवन में जिस प्रदूषण से हमारा परिवेश नर्क बन रहा है, उससे एक दिन में मुक्त हो सकते है. यहां ऐसे औषधीय पेड़-पौधे हैं जो आपके मन-प्राण को सुवाषित कर देंगे. इस पार्क में कल्प वृक्ष, रुद्र वन में रुद्राक्ष वृक्ष, त्रिफला वन, कपूर का पेड़, पाम आइलैंड, नेचुरल बायोडायवर्सिटी जॉन, साथ ही साथ यहां मेवाकी तकनीक से वृक्ष लगाया गया है. महावीर आइलैंड है, जिसमें लेक है. परिजात वृक्ष, सागवान, गमहार, कंपा फलदार वृक्ष, रोज़हुड, रबड़ प्लांट, साथ ही जो पेड़ विलुप्त होते जा रहे हैं उन्हें भी यहां जीवंत किया जा रहा है. शिवकुंड जिसमें मछली पालन होता है.

प्राकृतिक और आर्टिफिशियल दोनों तालाब है. रुद्रा वन जिसमें भगवान शंकर के पूजन हेतु सभी प्रकार के सामग्री उपलब्ध है. अशोक वाटिका जिसे बंगाल के कारीगरों द्वारा सुसज्जित किया गया है. बच्चों के खेल कूद के लिए झूला आदि लगाया गया है. सेब का वृक्ष भी यहां लगाया गया है जो आने वाले समय मे यहां के लोगों के लिए सेब उपलब्ध होगा. साइकिलिंग का लुत्फ भी यहां उठाया जा सकता है, यहां टोटो वाहन भी उपलब्ध है जिसे पर्यटकों को 80 रुपए में पूरा पार्क घूम सकते हैं. रिसर्च सेंटर, स्पाइस गार्डन, चंदन वन भी है.

मौके पर वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी राजेश कुमार जी, राजीव रंजन पांडेय जी,  गोविंद चौधरी, रंजीत राय, कांग्रेस दास, रामचंद्र पासवान, अमित तिवारी, मिथिलेश राय,  पंचानंद राय,  दीपक पांडे, दिलीप उपाध्याय, राजेंद्र  मांझी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे.