मुख्यमंत्री ने लोहिया पथ चक्र परियोजना का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज लोहिया पथ चक्र परियोजना का निरीक्षण किया. उन्होंने निरीक्षण के दौरान लोहिया पथ चक्र परियोजना के अंतर्गत सर्कुलर रोड जंक्शन, पुनाईचक जंक्शन, हड़ताली मोड़ जंक्शन के पास मल्टी जंक्शनल ट्रैफिक व्यवस्था के लिए संरचनात्मक निर्माण कार्य का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि इसके अंतर्गत ‘ट्रैफिक सिग्नल फ्री’ यातायात की व्यवस्था की जाएगी. सगुना मोड़ से होते हुए डाक बंगला चैराहे तक रोड पर कहीं भी रेड लाइट प्वाइंट पर रूकने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

मुख्यमंत्री ने सर्कुलर रोड जंक्शन पर निर्माणाधीन कार्य के निरीक्षण के दौरान भू-गर्भ जल व्यवस्था की भी जानकारी ली. उन्होंने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए. वर्ष 2021 के जून माह के अंत तक सर्कुलर रोड जंक्शन की संरचना को पूर्ण कर आवागमन के लिए खोलने का भी उन्होंने निर्देश दिया. पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुनाईचक चैराहा एवं हड़ताली मोड़ पर पूर्व की प्रस्तावित डिजाइन में अब तक के अनुभव को ध्यान में रखते हुए, आई0आई0टी0 दिल्ली के परामर्श से हल्का संशोधन किया गया है. इस आधार पर निर्माण कार्य में अब तेजी आएगी और दिसंबर 2021 तक इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि पथ निर्माण विभाग की ओर से परियोजना के सतत् अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.



पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत 49 इंट्री एवं एक्जिट हैं. पुनाईचक से राजधानी वाटिका की ओर नीचे से आने-जाने की व्यवस्था रहेगी. इसी प्रकार हड़ताली चैक पर, बोरिंग कैनाल रोड से दारोगा प्रसाद राय पथ तक आने-जाने की व्यवस्था सड़क के नीचे से रहेगी और मुख्य पथ का आवागमन ऊपर से रहेगा.

मुख्यमंत्री ने लोहिया पथ चक्र के निरीक्षण के उपरांत कोतवाली थाना चैक पर एलिवेटेड यू-टर्न बनाने का निर्देश भी दिया ताकि वहां पर जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल सके. मुख्यमंत्री ने करबिगहिया फ्लाई ओवर परियोजना का भी निरीक्षण किया. अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना चार लेन की होगी, जो करबिगहिया चैक से चिरैंयाटांड फ्लाईओवर के ऊपर से कंकड़बाग फ्लाईओवर में जाकर मिलेगी. इसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है. इसे जून 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री ने आवागमन की समस्या से निजात दिलाने हेतु सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर एलिवेटेड परियोजना तथा एलिवेटेड यू-टर्न बनाने का निर्देश दिया. पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 साल पहले इस पथ चक्र के निर्माण के संबंध में आई0आई0टी0 दिल्ली का प्रस्ताव हमलोगों को मिला था. उसके पश्चात् हमलोगों के मन में यह बात आई थी कि यह पूरा का पूरा इलाका ऐसा है कि जहां ट्रैफिक की समस्या रहेगी.

सीएम ने कहा कि हमलोगों को ऐसा कोई सिस्टम बनाना चाहिए जिसमें कोई भी कहीं, किसी तरह से आना-जाना चाहता हो तो इसके लिए एक अलग से रास्ता हो. इस कॉन्सेप्ट को देखकर हमलोगों को बहुत खुशी हुई थी. सबसे पहले देश में बिहार में ही इस कॉन्सेप्ट को एडॉप्ट किया गया और उसी के हिसाब से हमलोगों ने इसके निर्माण का निर्णय किया. इसका नाम लोहिया पथ चक्र रखा गया. इसमें 49 अलग-अलग रास्ते बने हुए हैं. उसी कॉन्सेप्ट के अनुसार इसका काम शुरु किया गया है. पिछले वर्ष काम के दौरान नीचे से पानी निकल आया था. उसे ध्यान में रखते हुए समाधान का रास्ता निकाला गया और अब काम तेजी से किये जा रहे हैं. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे से जमीन उपलब्ध हो जाने के बाद नेहरु पथ के लिए नीचे से रास्ता रहेगा. अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस पथ चक्र का एक हिस्सा जून तक पूरा हो जाएगा. यहां नीचे जहां पानी है उसको यहां से डिस्चार्ज करना पड़ेगा ताकि किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो. दो-तीन जगहों पर जो और काम होने हैं, उसके लिए अधिकारियों ने प्लान में थोड़ा संशोधन किया है. ज्यादा नीचे गहराई की जरूरत नहीं है. इससे नीचे से पानी आने की समस्या का समाधान हो जायेगा.

उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि अगले वर्ष दिसंबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा. जब ये फंक्शनल हो जाएगा तो इसकी सुरक्षा के भी इंतजाम किये जायें. इसके निर्माण से आवागमन में किसी को कोई कठिनाई नहीं होगी. इससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी खत्म होगी. इस पथ चक्र के पूर्ण होने पर इसका अनुकरण अन्य जगहों पर भी किया जा सकता है. दूसरे राज्य के लोग भी इसे आकर देखेंगे. उन्होंने कहा कि 2015 में इस पर काम शुरु होना था लेकिन पानी आ जाने के चलते इसमें विलम्ब होता चला गया. अब इसका निदान कर लिया गया है.

निरीक्षण के दौरान पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, जिलाधिकारी कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार शर्मा सहित, पथ निर्माण विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.