सीतामढ़ी या जमुई से चुनाव लड़ सकते हैं चिराग, सियासी गलियारों में चर्चा तेज -143 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी लोजपा !

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: एनडीए में जेडीयू से खटपट के बाद लोजपा ने अकेले बिहार चुनाव लड़ने का मूड बना लिया है. सियासी गलियारों में यह खबर खूब तैर रही है. कहा जा रहा है कि खुद चिराग पासवान विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे. इसके लिए दो जगहों की चर्चा जोरों पर है.

कहा जा रहा है कि बिहार के सीतामढ़ी या जमुई से लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान चुनाव लड़ सकते हैं. इसके साथ ही पार्टी बिहार के 143 सीटों पर जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है. जिसका संकेत पिछले दिनों दिल्ली में हुई लोजपा सांसदों की बैठक में दी गयी थी.



दिल्ली में हुई लोजपा की बैठक में पार्टी के पूर्व सांसद काली पांडेय ने साफ-साफ कर दिया था कि लोजपा को जेडीयू के खिलाफ 143 सीट पर उम्मीदवार उतरना चाहिए. नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ना सहीं नहीं है. पार्टी नेताओं की राय को चिराग पासवान ने चिट्ठी के माध्यम से पीएम नरेन्द्र मोदी को अवगत कराया था.

हालांकि यह सभी बाते अधिकारिक तौर पर लोजपा की ओर से पुष्टि नहीं की गयी है. लेकिन सियासी गलियारों में बड़े ही जोर से इसकी चर्चा है. इधर कहा जा रहा है कि बीजेपी ने लोजपा को लास्ट ऑफर देते हुए 48 घंटे में डिसिजन लेने का अल्टीमेटम दे दिया है.  

कहा जा रहा है कि बीजेपी ने चिराग पासवान को लास्ट ऑफर दिया है. 25+5+2 का ऑफर दिया गया है. जिसमें 25 सीट हिस्से की 5 सीट साझेदारी की और 2 सीट विधानपरिषद की दी गयी है. हालांकि लोजपा की ओर से इस प्रकार के ऑफर मिलने का इन्कार किया गया है.

राजनीतिक पंडित भी मान रहे हैं कि चिराग के डिसिजन में देरी कारण लोजपा के अंदर भी गर्मी बढ़ रही है. पार्टी कार्यकर्ता असमंजस है . उन्हें यह भी नहीं समझ में आ रहा है कि आखिर जनता के बीच किस स्टैण्ड में वोट मांगने जाए. एनडीए के लिए वोट मांगे या खुद के लिए या फिर किसी और गठबंधन के लिए जोर लगाए.

लोजपा की देरी के कारण अब प्रदेश बीजेपी के नेता भी मुखर होने लगे है. हाल ही में बीजेपी नेता व मंत्री प्रेम कुमार ने भी चिराग को नसीहत देते  हुए कहा था कि एनडीए में रहकर उसका विरोध करना सहीं नहीं है.

जानकार यह भी बता रहे हैं कि बीजेपी के लिए भी धर्मसंकट है. अगर लोजपा को अधीक सीट देती है तो उसे 100 सीट से नीचे चुनाव लड़ना होगा. जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष उत्पन्न हो जाएगा. हालांकि चिराग पासवान बीजेपी को सबसे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कहते रहे हैं.