पिता के श्राद्ध में आने को चिराग ने पीएम मोदी को भेजा न्योता, 20 अक्टूबर को पटना में देश भर के दिग्गज नेताओं का जुटान होने का आसार !

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद भी लोजपा और जदयू के बीच पॉलिटिकल अटैक नहीं थम रहा है. लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने आज ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी से धर्म संकट से निकलने को कह दिया है. वहीं, अब सूत्रों से आ रही खबर के अनुसार, दिवंगत पिता रामविलास पासवान के श्राद्धकर्म में भाग लेने के लिए चिराग पासवान ने पीएम नरेंद्र मोदी को न्योता दिया है. उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को भी न्योता भेजा है.

बता दें कि 20 अक्टूबर को दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का श्राद्धकर्म है. उनका निधन ​दिल्ली में आठ अक्टूबर को हुआ था तथा पटना के जर्नादन घाट पर दाह संस्कार किया गया था. आज मुंडन का काम हुआ. बताया जाता है कि पटना स्थित आवास पर श्राद्धकर्म की तैयारी जोरों पर है. चिराग पासवान अपने पिता के श्राद्धकर्म में भाग लेने के लिए देशभर के नेताओं को न्योता भेजना शुरू कर दिये हैं.



बताया जाता है कि पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, डिप्टी सीएम सुशील मोदी समेत दर्जनों नेताओं को भी न्योता भेजा जा रहा है. उम्मीद है कि 20 अक्टूबर को पटना में देश भर के दिग्गज नेताओं का जुटान होने जा रहा है. रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस की मानें तो उनके बड़े भाई को चाहने वाले सभी लोगों को न्योता भेजा रहा है.

‘शेर का बच्चा हूं, जंगल चीरकर निकलूंगा’

लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की जदयू से तनातनी कम नहीं हो रही है. उन्होंने रविवार को भी धड़ाधड़ कई ट्वीट कर दिये और सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसने से भी बाज नहीं आए. उन्होंने एक मीडिया चैनल से बात करते हुए यह भी कहा कि उन्हें एनडीए से अलग होने के फैसले पर पछतावा नहीं हैं और न ही यह फैसला लेने में उन्हें डर लगा. पापा बोलते थे कि अगर शेर का बच्चा होगा, तो जंगल चीर कर निकलेगा. अगर गीदड़ होगा तो मारा जाएगा. मैं भी शेर का बच्चा हूं, जंगल चीर कर निकलूंगा.

वहीं, चिराग ने आज ट्वीट कर कहा कि नीतीश कुमार ने प्रचार का पूरा ज़ोर मेरे और प्रधानमंत्री के बीच दूरी दिखने में लगा रखा है. बांटो और राज करो की नीति में माहिर मुख्यमंत्री हर रोज़ मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं. मेरे और प्रधानमंत्रीजी के रिश्ते कैसे हैं, मुझे यह प्रदर्शन करने की ज़रूरत नहीं है.

पापा जब अस्पताल में थे, तब से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया उसे मैं कभी नहीं भूल सकता. मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री किसी धर्मसंकट में पड़ें. वे अपना गठबंधन धर्म निभाएं. मौजूदा मुख्यमंत्री को संतुष्ट करने के लिए मेरे ख़िलाफ़ भी कुछ कहना पड़े तो निस्संकोच कहें.