चिराग पासवान ने खुद को बताया माता सबरी का वंशज, कहा- मेरा सौभाग्य है की मेरे जीवनकाल में मंदिर का निर्माण होने जा रहा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन है. भूमि पूजन के लिए अयोध्या को दुलहन की तरह सजाया गया है. भूमि पूजन को लेकर अयोध्या के स्थानीय लोगों के अलावा भक्तों में भी खासा उत्साह है. मंदिर निर्माण की शुरुआत से एलजीपी अध्यक्ष चिराग पासवान भी गदगद हैं. चिराग पासवान ने राम मंदिर निर्माण को लेकर अपनी भावना व्यक्त की है.

प्रधानमंत्री के अयोध्या दौरे और भूमिपूजन कार्यक्रम का चिराग पासवान ने स्वागत किया. उन्होंने कहा कि हमारा विश्वास है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के साथ ही भगवान राम की सोच जनता तक जाएगी और एक ऐसा समाज बनेगा जहां किसी के साथ भेद-भाव न हो. राम राज्य की परिकल्पना ऐसी होनी चाहिए जहां, न अमीरी –ग़रीबी, न हिंदू – मुस्लिम और न ही जाति के आधार पर भेदभाव हो.



चिराग पासवान ने अपने -आप को शबरी का वंशज बताते हुए कहा, वंचित वर्ग से आने वाली गुरु मतंग की शिष्या, श्री राम की परमभक्त माता शबरी का वंशज होने के नाते यह मेरा सौभाग्य है कि मेरे जीवनकाल में पुनः मंदिर का निर्माण होने जा रहा है. कई वर्षों के बाद भगवान राम के मंदिर का निर्माण अयोध्या में होने जा रहा है. मंदिर निर्माण न सिर्फ मानव बल्कि समस्त जीव-जंतु पशु-पक्षी के लिए ख़ुशी और आत्मसंतुष्टि की बात है. भगवान राम को देश जाति मजहब में नहीं बांधा जा सकता है. भगवान राम समस्त जीव-जंतु के लिए पथ प्रदर्शक हैं.

मतंग ऋषि की शिष्या शबरी को सभी सिद्धियां प्राप्त थीं, उसके बावजूद उनमें तनिक भी अहंकार नहीं था. इसी का प्रभाव था कि भगवान राम ने उनके जूठे बेर खाए थे. उनके प्रेम को देखते हुए राम ने उनकी तुलनक माता कौशल्या से की थी. वंचित वर्ग से आने के बावजूद माता शबरी के मन में तनिक भी भेदभाव नहीं था. चिराग़ ने फिर दोहराया कि भगवान राम के इन्हीं विचारों को अपना कर ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जिसके साथ कोई भेदभाव न हो.

चिराग पासवान ने कहा था की कई वर्षों के बाद भगवान राम के मंदिर का निर्माण अयोध्या में होने जा रहा है. वंचित वर्ग से आने वाली,गुरु मतंग की शिष्या,श्री राम की परमभक्त माता शबरी का वंशज होने के नाते मेरा सौभाग्य है की मेरे जीवनकाल में पुनः मंदिर का निर्माण होने जा रहा है.