जमीन पर पालथी मार बैठ गए नीतीश, साथ खाना खाया, दिन भर सुना

लाइव सिटीज डेस्क : मंदसौर में किसानों की पुलिस फायरिंग से हुई मौत के बाद आक्रोशित किसानों का आज देश व्यापी आंदोलन चल रहा था. जगह-जगह विरोध प्रदर्शन चल रहा था. लेकिन बिहार में आलम कुछ और था. यहां सरकार किसानों के लिए ‘किसान समागम’ का आयोजन कर रही थी. स्वयं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘किसान समागम’ कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता रहे. देश में जहां किसान आंदोलनरत थे वहीं बिहार के कई किसान सीएम नीतीश के साथ अपना सुझाव साझा कर रहे थे. बाद में सीएम ने उनके ही बीच बैठ खाना भी खाया. 

कृषि विभाग द्वारा पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन के अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘किसान समागम’ में किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए तो कई योजनाओं को भी तैयार किया गया. यहां तीसरा कृषि रोड मैप 2017-2022 तैयार करने के लिए यह किसान समागम आयोजित किया गया है. पहला कृषि रोड मैप 2008-2012 और दूसरा कृषि रोड मैप 2012-2017 के लिए तैयार किया गया था. तीसरा कृषि रोड मैप तैयार कर लिये जाने के बाद बिहार में बीज हब की स्थापना की जायेगी. 

सुबह के 11 बजे से सीएम किसानों के साथ जमे रहे. उनकी सुनते रहे. और बारीकी से सभी किसानों के प्रमुख बिंदुओ को ध्यान में रख कर अधिकारियों को उचित निर्देश भी देते रहे.  बता दें कि कृषि विभाग के इस कार्यक्रम में भारी तादाद में किसान यहां पहुचे थे. इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत मंत्री जय कुमार सिंह, आलोक मेहता और अवधेश सिंह भी मौजूद रहे.

डिप्टी सीएम 1.5 घंटे के बाद कार्यक्रम से विदा हो गए. लेकिन सीएम वहीं मौजूद रहे. बीच में भोजन के लिए वक्त मिला तो सीएम नीतीश ने VIP स्टेटस की परवाह किये बगैर किसानों के साथ जमीन पर पंगत में बैठ गए. और छक कर  पूड़ी, पुलाव, दाल, दो-तीन प्रकार की सब्‍जी, सलाह, दही और दो मिठाई का आनंद ले रहे थे.

सीएम नीतीश के इस अंदाज पर माना जा रहा है कि ये नीतीश का वो स्टाइल है जिससे वो अक्सर अपने विरोधियों को बगैर कुछ बोले जवाब देते हैं. मध्यप्रदेश के मंदसौर फायरिंग के बाद समागम में जमीन पर बैठकर किसानों के साथ लंच किया. इसे नीतीश की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

किसानों ने की सीएम नीतीश की तारीफ

नीतीश कुमार के इस कदम से किसानों में खासा उत्साह है और उन्होंने समागम के दौरान इसके लिए नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया. समागम में जमुई के किसान ने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि  एक  तरफ सरकारें किसानों पर  गोलियां चलवा रही हैं और दूसरी ओर नीतीश किसानों के बीच बैठकर भोजन कर रहे हैं. किसानों ने कहा कि यह नीतीश कुमार का किसानों के प्रति आगाध प्रेम है. हालांकि, राजनीतिक जानकारों की मानें तो देश में इन दिनों कई राजनेता जमीन पर बैठकर भोजन करने को तरजीह दे रहे हैं.

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