सीएम नीतीश ने दी खुली चुनौती, किस क्षेत्र में काम नहीं हुआ है, कोई आकर बताएं…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्चुअल रैली की दूसरी कड़ी में मंगलवार को 24 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को संबोधित किया. सुबह 11 बजे 11 क्षेत्र तो शाम चार बजे 13 विधानसभा क्षेत्रों को संबोधित करते हुए अपने विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी.

निश्चय संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क के क्षेत्र में हमलोगों का काम बोल रहा है. पति पत्नी के राज में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा की क्या स्थिति थी. आप सभी जानते हैं. हमने सारे क्षेत्र में काम किए. पहले स्कूलों से 12.50 फीसदी महादलित के बच्चे बाहर रहते है. ऐसी स्थिति में सुधार करने के लिए हमने टोला सेवक, तालिमी मरकज बहाल करने का काम किया.जिन लोगों को इस काम में लगाया गया उसको 60 साल के लिए काम दिया गया. विकास मित्र की बहाली की गयी. महिलाओं की स्थिति में सुधार किया गया.



पहले जो लड़कियां सिर्फ प्राइमरी स्कूल तक पढ़ती थी. मीडिल स्कूल तक नहीं पहुंच पाती थी. उनको पोशाक योजना चलाकर वहां तक पहुंचाया गया. पहले 9 वीं क्लास में लड़कियों की संख्या नगण्य थी उनके लिए हमलोगों ने साइकिल योजना चलायी. जिसके परिणाम अच्छे निकले और अब 1.70 लाख लड़कियों की संख्या हो गयी है.

पोशाक योजना और साइकिल योजना की शुरूआत में बहुत आलोचना हुई, लेकिन जब अच्छे परिणाम आने लगे तो लोगों को मुंह बंद हो गया. इस साल मैट्रिक में लड़कों से ज्यादा लड़कियों की संख्या थी. उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से और भी कई चीजे की जा रही है.

2005 से पहले स्वास्थ्य का हाल बेहाल था. पीएचसी में महीने में 39 आदमी जाता था. लेकिन आज स्थिति में सुधार हुआ 2019-20 में यह आंकड़ा 10 हजार औसतन लोग इलाज कराने वहां जाते है. पीएचसी को हमलोगों ने आगे 30-30 बेड का अस्पताल बनाने का प्रयास किया.नये मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं. पहले क्या स्थिती थी. हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, हर जिले में जीएनएम संस्थान की स्थापना की जा रही है.

पहले बिहार में कहीं सड़क भी दिखती थी क्या? लेकिन जब हमलोगों को सेवा करने का मौक मिला तो राज्य में सड़कों का जाल बिछाया गया. राजधानी पटना आने के लिए किसी भी जिले से 6 घंटा का लक्ष्य पूरा किया गया. गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने का काम किया गया. आगे भी विकास का काम चलता रहेगा.

कुछ लोगों को आदत है प्रचार करना, लेकिन हमलोग बोलते नहीं है. कुछ लोगों को ऐसे ही बोलने की आदत है. 2005 के नवंबर से हमें काम का मौका मिला. 3 बार हमने सेवा किया. न्याय के साथ विकास करने का काम किया. न्याय यात्रा के अभियान में हमने कहा था हर इलाके का विकास और समाज के हाशियें पर खड़े लोगों का विकास करना है. दलित, अति पिछड़ा, अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाओं के उत्थान के लिए हमने काम किया…लेकिन 15 साल पति पत्नी को राज करने का मौका मिला उन्होंने कुछ किया क्या ?.

महिलाओं के उत्थान के लिए बिहार में जो काम किया गया वो आज एक मिशाल बन गया. उनके राज में जब साल 2000 में पंचायत का चुनाव कराया गया तो किसको मौका मिला ? लेकिन हमारी सरकार बनी तो हमलोगों ने महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दे दिया. जिसको हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गयी, लेकिन हमलोगों के काम पर कोर्ट ने भी मुहर लगा दिया.

कुछ लोग कहते हैं कहां कुछ हो रहा है. लेकिन सबकुछ हो रहा है. गड़बड़ करने वाले लोगों को बिहार में विकास नहीं दिखता है. महिलाओँ के लिए पति पत्नी ने क्या किया ? हमलोगों ने स्वयं सहायता समूह बनाया. वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर जीविका समूह बनाया. आज 1.20 करोड़ से ज्यादा महिलाएं स्वयं सहायता समहू से जुड़ गयी.विभिन्न क्षेत्र में महिलाएं काम कर रही है.

कुछ लोगों को विकास से दिलचस्पी थोड़े ही है. बहुत लोगों को चिढ़ होती है मुझसे.सेवा को ही हम अपना धर्म मानते है.समाज सुधार का काम किया.शराबबंदी लागू किया. बाल विवाह, दहेजबंदी का काम किया. लेकिन ग़ड़बड़ करने वालों को यह सब कहां दिखता है….