बोले नीतीश : मुलाकात का न निकालें राजनीतिक मतलब, लालू के आरोपों पर जवाब नहीं

लाइव सिटीज डेस्क : मॉरीशस के प्राइम मिनिस्टर के सम्मान में दिए गए भोज पर पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद सीएम नीतीश पीएम मोदी से अलग से भी मिले. उनकी इन दो मुलाकातों को लेकर कई तरह के चर्चे भी होने लगे. जदयू और राजद की ओर से भी तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था. लेकिन इन सब अटकलों पर अब विराम लग गया है. सीएम नीतीश ने मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब हो कर सफाई  दी. 

नीतीश कुमार ने इस मुलाकात पर कहा कि वे भोज में शामिल हुए क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री को निमंत्रण था. और  मॉरीशस के प्राइम मिनिस्टर के साथ उनका भावनात्मक लगाव भी है. उन्होंने पीएम मोदी के साथ हुए निजी मुलाकात पर कहा कि पीएम मोदी से गंगा की अविरलता पर बात हुई. गंगा में सिल्ट की समस्या को लेकर चर्चा हुई.  जिस पर पीएम मोदी ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया. 



नीतीश ने कहा कि 10 दिन बाद मॉनसून आने के बाद बिहार को बाढ़ की समस्या से जूझना पड़ेगा, उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय टीम को बिहार भेजने का अनुरोध किया जिसे पीएमओ ने स्वीकार कर लिया.

महागठबंधन पर खतरे को लेकर जब सीएम नीतीश से प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बिहार में जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस की सरकार है. महागठबंधन मिलकर काम कर रहा है. इस महागठबंधन से में बिहार का मुख्यमंत्री हूँ तो मेरा यह फर्ज बनता है कि पीएम के पास अपने राज्य की समस्याओं को सामने रखूं.

सीएम नीतीश से जब लालू प्रसाद पर लग रहे आरोपों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह आरोप-प्रत्यारोपों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. सोनिया गांधी की बुलाई बैठक में न शामिल होने पर उन्होंने फिर सफाई दी कि वह 20 अप्रैल को ही कांग्रेस अध्यक्ष से मिलकर जरूरी मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं.

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