सीएम नीतीश ने कर दिया क्लीयर, मजाक में ज्यादा बच्चे पैदा करने वाला दिया था बयान

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले अपने बयान पर सफाई  देते कहा कि हमने प्रजनन दर को कम करने को लेकर बच्चे पैदा करने वाला बयान दिया था. कई बार मजाक में इस तरह की बात कही जाती है. मेरे बारे में जो बोलना है बोले, कोई फर्क नहीं पड़ता.

वहीं आरजेडी को ज्यादा वोट मिलने के तेजस्वी के बयान पर सीएम नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि कई बार वोट ज्यादा होता है और सीट कम होता है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि हमारी सीट उनसे कम है, लेकिन जनता ने एनडीए को बहुमत दिया है.



एनडीए विधायकों को प्रलोभन देने की बात पर उन्होंने कहा कि लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा है ये कोई सही आचरण है क्या? कोई कितना भी चाह लेगा एनडीए में कोई टूटेगा नहीं, एनडीए एकजुट है. सदन में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि केंद्र से लेकर बिहार तक हमने बिहार के विकास के लिए कार्य किया है. 2015 में जब तेजस्वी पर आरोप लगा था तो हमने उन्हें एक्सप्लेन करने को कहा था. चुनाव लड़ेंगे तो बताना पड़ेगा कि क्या-क्या केस है.

दरअसल, 17वीं विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद वाद-विवाद प्रस्ताव पर बहस चल रही थी. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विपक्ष की ओर से बहस कर रहे थे. वे शुरू से ही नीतीश कुमार पर लगातार निजी टिप्पणी कर रहे थे. एक मुद्दा खत्म नहीं होता था, कि दूसरा मुद्दा शुरू हो जाता था. वे बेटा-बेटी से लेकर हत्या के आरोपी तक को गिनाने लगे.

इसके बाद बसपा के विधायक जमां खान का नाम बोलने के लिए पुकारा जा रहा था. उसी समय मंत्री विजय चौधरी ने ‘चोर दरवाजे वाले’ तेजस्वी के बयान पर संयम बरतने को कहा तथा कहा कि इस तरह की भाषा का प्रयोग सदन में नहीं होना चाहिए. तभी तेजस्वी ने नीतीश पर हत्या के आरोपी को लेकर तंज कसा. इसी पर नीतीश कुमार बीच में भी खड़ा होकर तेजस्वी पर आग-बबूला हो गए.

नीतीश कुमार इतने अधिक गरम हो गए कि उन्होंने तेजस्वी पर केस करने तक की बात कह डाली. फिर उन्होंने कहा- ‘यह मेरे भाई समान दोस्त का बेटा है, इसलिए हम सब सुनते रहते हैं. इसके पिता को विधायक दल का नेता कौन बनवाया था? इसे किसने डिप्टी सीएम बनवाया था? जब इस पर आरोप लगा तो हमने कहा, इसको आप एक्सप्लेन कीजिए. लेकिन इन लोगों ने नहीं किया. अंत में हमने ही साथ छोड़ दिया.

‘उन्होंने सदन के अंदर विपक्ष के रवैये पर अध्यक्ष से कहा कि क्या ऐसे ही सदन चलेगा? हम बर्दाश्त करते रहते हैं. इन लोगों पर जो आरोप लगे थे, उसको क्यों नहीं एक्सप्लेन किया गया. आज चार्जशीटेड हो. पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.