नए कृषि बिल का सीएम नीतीश ने किया समर्थन, कहा- बिहार में किसानों को कोई परेशानी नहीं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : दिल्ली में नए कृषि बिल के खिलाफ हजारों किसान आंदोलित हैं. कृषि बिलों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं किसान. उन्हें रोकने के लिए केंद्र सरकार तरह-तरह के हथकंडे अपना रही हैं. सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है. लेकिन अभी तक बात नहीं बनी है. संभवत: आज सरकार और किसानों के बीच बात हो सकती है.

इधर नए कृषि बिल का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समर्थन किया है. किसानों और सरकार के बीच कृषि बिलों को लेकर तकरार इसलिए है, क्योंकि बातचीत नहीं हो पा रही है. केन्द्र सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि हमलोग किसानों से बातचीत करना चाहते हैं. उनको बताना चाहते है कि फसलों के प्रोक्योरमेंट में किसी तरह की कठिनाई नहीं आनेवाली है.



सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार में तो किसानों से जुड़ा इस तरह का कानून वर्ष 2006 में ही लागू हो गया था. इसके बाद भी यहां के किसानों को कोई प्रॉब्लम नहीं हो रही है. प्रोक्योरमेंट में यहां के किसानों को कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि हमने बिहार में पैक्स के माध्यम से प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया शुरू की थी, जो आज भी यह प्रभावी तरीके से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के किसानों को नए बिल से कोई दिक्कत है, तो उसे बातचीत से दूर किया जा सकता है. बातचीत होना बेहद जरूरी है.

उधर केन्द्र सरकार का पक्ष रखते हुए केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नए कृषि कानून में मंडियां खत्म नहीं हो रही हैं. मंडियां पहले की तरह ही चलती रहेंगी. नए कानून ने किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी दी है. जो भी किसानों को सबसे अच्छा दाम देगा, वो फसल खरीद पाएगा, चाहे वो मंडी में हो या बाहर.