सीएम नीतीश ने किया दलितों का उत्थान, जेडीयू के दलित नेताओं ने कहा- जनता के बीच जाएंगे उन्हें बताएंगे..

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में इसबार 20-20 मुकाबला बड़ा ही रोचक होगा. मुकाबला के लिए प्रत्येक पार्टी हर एंगल से तैयारी कर रही है. इसके लिए सभी पार्टियों ने अपना दमखम लगा दिया है. विकास का मुद्दा हो या फिर जाति विशेष को साधने की बात सभी बिन्दु से तैयारी हो रही है.

बात करे जेडीयू की तो पार्टी लगातार दलित वोटरों को लेकर बैठक पर बैठक कर रही है. पार्टी के दलित नेता लगातार बैठक पर बैठक कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज फिर जेडीयू के दलित नेता व मंत्री महेश्वर हजारी के आवास पर बैठक हुई. जिसमें पार्टी के दलित विधायक, मंत्री और सांसदों ने हिस्सा लिया.



बैठक में नीतीश सरकार द्वारा दलितों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से चर्चा की गयी. सभी विधायक,मंत्री और सांसदों ने बैठक में दलितों के लिए के गए कार्यों की जानकारी को साझा किया. साथ ही प्रदेश की जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताने की बात कही.

इस मौके पर मौजूद मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने दलितों को विकास के मुख्य धारा में जोड़ने का काम किया है. उनके उत्थान के लिए सरकार ने कई कार्य किए है. पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक दलितों के विकास के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही है.

हाल ही में नीतीश सरकार ने दलितों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा करते हुए कहा कि अगर दलित की हत्या होती है तो उसके एक आश्रितों को सरकार नौकरी देगी. इसको लेकर विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने की खूब कोशिश की गयी.

तेजस्वी ने सरकार के इस फैसले को चुनावी स्टंट करार देते हुए कहा कि इस प्रकार की घोषणा चुनाव को देखते हुए किया गया है.  ऐसी घोषणाओं को दलितों के लिए राहत नहीं बल्कि उनकी हत्या कराने वाला करारा दिया. तेजस्वी ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घोषणा सिर्फ दलितों के लिए ही क्यों ? सवर्ण, और अल्पसंख्यकों की हत्या पर उसके आश्रितों को नौकरी क्यों नहीं दी जाना चाहिए…