सीएम नीतीश ने अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती पर माल्यार्पण कर किया याद

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की 132वीं जयंती समारोह 18 जून को मनाई जा रही है. इस अवसर पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें माल्यार्पण कर याद किया. अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती पर पटना में कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है. इस मौके पर सीएम के साथ मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री नंदकिशोर यादव, विजय चौधरी और हारुण रशीद भी मौजूद थे. इन सभी गणमान्य अतिथियों ने उन्हें माल्यार्पण किया. पटना के साथ-साथ पूरे बिहार में डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती मनायी जा रही है. खासकर औरंगाबाद में तो कुछ विशेष ही.

आपको बता दें कि डा. अनुग्रह नारायण सिंह भारतीय राजनेता और बिहार के प्रथम उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री थे. डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह भारत के स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक एवं राजनीतिज्ञ रहे हैं. उन्होंने महात्मा गांधी तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद के साथ मिलकर चम्पारण सत्याग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वे आधुनिक बिहार के निर्माताओं में एक थे इन्हीं लोकप्रियता के कारण उन्हें बिहार विभूति के रूप में जाना जाता था. उनकी सौभ्य, शीतल, परोपकारी और अहंकारहीन शख्शियत ही उन्हें महान बनता है.

डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह का जन्म औरंगाबाद जिले के पोईअवा नामक गांव में 18 जून 1887 को हुआ. उनके पिता ठाकुर विशेश्वर दयाल सिंह जी अपने इलाके के एक वीर पुरुष थे. जिस समय ये पटना कॉलेज में आए उस समय देश के शिक्षित व्यक्तियों के हृदय में परतंत्रता की वेदना का अनुभव होने लगा था. गुलामी की जंजीर में जक़डी हुई मानवता का चित्कार अब उन्हें सुनायी प़डने लगा था. वे उस जंजीर को त़ोड़ फेंकने के लिए व्याकुल होने लगे थे, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी तथा योगिराज अरविंद ऐसे महान आत्माओं से मुलाकात होने लगी थी। उनका हृदय भी भारतमाता की सेवा के लिए त़ड़प उठा और वे उस पावन मार्ग पर अग्रसर हो गए. सर्फूद्दीन के नेतृत्व में ‘बिहारी छात्र सम्मेलन’ नामक संस्था संगठित की गई, जिसमें देशरत्न राजेन्द्र बाबू ऐसे मेधावी छात्रों के साथ कार्य करने तथा नेतृत्व करने का सुअवसर प्राप्त हुआ.

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