CM के मोबाइल में नहीं आया नेटवर्क, पुलिस ने BSNL के दो ​अधिकारियों को घर से उठाया

Raghuvar-Das
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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मोबाइल फान में पीछले कुछ सालों से कॉल ड्रॉप की बड़ी सस्याएं आ रहीं हैं. इस समस्या का एक मूल कारण नेटवर्क का फ्लकचुएट होना है. यानि सबसे बड़ी समस्या नेटवर्क की है. लेकिन यह परेशानी केवल आम लोगों के लिए है. क्योंकि अगर कीसी वीवीआईपी के साथ ये होता है तो सीधे अधिका​री ही उठा लिए जाते हैं. ये कोई किस्से वाली बात नहीं बल्की हकिकत है. झारखंड के सीएम से रघुवर दास से यह मामला जुड़ा हुआ है.

दुमका में चौपाल लगा रहे थे सीएम

यूं तो झारखंड के सीएम कई मायनों से चर्चा में रहते हैं. ज्यादातर अपने कामों को लेकर वे बड़े चर्चा में रहते हैं. अधिकरियों को फटकार लगाने को लेकर उनकी खूब चर्चा होती है. यही कारण है कि अधिकरी उनसे खौफ खाते हैं. ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जो झारखंड के सीए रघुबर दास से जुड़ा है. जिसे सुन अधिकारी और भी खौफ खाएं. दरअसल सीएम साहब के मोबाइल में नेटवर्क क्या नहीं आया पुलिस ने BSNLके अधिकारियों को ही उठा लिया.

आम तौर पर हम और आप नेटवर्क की समस्या होने पर मन मार के रह जाते हैं. लेकिन इसी समस्या से जब झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास घिर गए तो पुलिस ने भारत संचार निगम लिमिटेट (बीएसएनल) के दो अधिकारियों को उनके घर से उठा लिया. मामला सोमवार रातका है. सीएम राज्य के दुमका में जन चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुचे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री रघुबर दास राजभवन में रुके थे. जहां उनके मोबाइल में नेटवर्क नहीं आ रहा था. नेटवर्क नहीं आने को लेकर सीएम ने नाराजगी भी जाहिर की.

तीन घंटों तक जेल में रखा

सीएम दास  नराज क्या हुए पुलिसवाले ने इसे एक मौका समझा ओर तुरंत एक्शन लेते हुए बीएसएनएल के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पीके सिंह और असिस्टेंट जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर संजीव कुमार को उनके घर से उठा लिया.दोनों अधिकारियों को सजा के तौर पर तीन घंटे थाने में बैठा के रखा गया. इसके बाद रात करीब तीन बजे दोनों को छोड़ दिया गया.

इस बारे में टाउन पुलिस स्टेशन ऑफिसर देवव्रत पोद्दार ने बताया, राजभवन में BSNL के नेटवर्क नहीं आ रहे थे. इसी लिए पुलिस ने दो अधिकारियों को घर से उठा लिया. हालांकि आपको बता दें कि इस बात का कोई पता नहीं चल सका हे कि पुलिस द्वारा बीएसएनएल के दोनों अधिकारियों को उठाने के बाद सीएम के मोबाइल में नेटवर्क आया या नहीं. शायद आ भी गया हो तभी तो 3 घंटे की सजा के बाद दोनों अधिकारियों को छोड़ दिया गया.

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