भाकपा नेता सत्यनारायण सिंह की कोरोना से मौत, एम्स में चल रहा था इलाज

फुलवारी शरीफ: बिहार में जानलेवा हो चुका कोरोना वायरस लगातार लोगों को मौत की नींद सुला रहा है. बिहार के एक और दिग्गज राजनीतिज्ञ की जान कोरोना संक्रमण से चली गई. पटना एम्स में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के स्टेट सेक्रेटरी एवम बिहार के चौथम विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक करीब 76 वर्षीय कॉमरेड सत्यनारायण की कोरोना के इलाज के दौरान रविवार की देर रात मृत्यु हो गयी.

पार्टी की ओर से इंदु भूषण ने बताया कि कोरोना पाजिटिव होने के बाद पहले उनका इलाज रूबन हॉस्टिपल में कराया गया. लेकिन, सुधार नहीं होने पर 28 जुलाई को उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.



सीपीआई के वरिष्ठ नेता अधिवक्ता इमरान गणि ने कॉमरेड सत्यनारायण के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि पूरा जीवन कम्युनिस्ट विचारों को जनजन तक पहुंचाने में लगा दिया. उनके पुत्र डॉ अंकित आनंद और बहू भी कोरोना पॉजिटिव थे जो घर में ही क्वारंटिन रहे लेकिन वयोवृद्ध कम्युनिस्ट नेता कॉमरेड सत्यनारायण जी को एम्स पटना में भर्ती कराया गया था. उनके निधन से कम्युनिस्ट आन्दोलन के एक युग का अंत हो गया.

सत्यनारायण सिंह का खास तौर पर अभी जाना बिहार के कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए ही केवल बड़ी क्षति नहीं है. बिहार के धर्मनिरपेक्ष राजनीति के लिए भी बड़ा धक्का लगेगा. खास तौर पर जब उनकी बेहद जरूरत थी. बिहार के किसान आंदोलन के लिए भी उनका नाम बड़ा था. शुरुआती दिनों में वे एआईएसएफ की कतार में शामिल होकर पार्टी में आए थे. 76 साल की उम्र में भी वे पार्टी के लिए उसी जोश – खरोश के साथ काम कर रहे थे. उसी दरम्यान वे कोरोना संक्रमित होकर पटना एम्स में भर्ती हुए थे.