पंचतत्व में विलीन हुए शहीद अभय मिश्रा, दो साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

आराः देहुरी पकड़ के मेहरी रोय बांह पकड़ के भाई…. बिच अंगनवां माई रोये बाबु के होखे ला विदायी के तोहरा संग जाई भवरवा के तोहरा संग जाई… एक पिता के सामने उसका जवान बेटा ताबूत में पड़ा था. एक मां का लाल उठ नहीं रहा था. एक भाई के सामने उसका वीर भाई सदा के लिए सो गया था.

गांव वालों के सामने उसका चहेता अब कभी नहीं उठने वाला था. एक पत्नी जिसके करुणा भेदी चित्कार सब के आंखों से आंसुओं की धारा निकालने के लिए मजबूर कर दे रही थी. और एक मासूम की आंखें लोगों को रोता देख रोने लगती थी. यह दृश्य था. जगदीशपुर के तुलसी गांव का.

बुधवार की सुबह जहां सीआरपीएफ के GD जवान अभय मिश्रा का पार्थिव शरीर सीआरपीएफ के अधिकारी लेकर पहुंचे. अभय मिश्रा छत्तीसगढ़ के सुकमा में उग्रवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे.

उनका पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गांव पहुंचा. अंतिम दर्शन के लिए लोगों का भीड़ उमड़ पड़ी. जिले के तमाम आला अधिकारी गॉड ऑफ ऑनर देने पहुंचे. वीर सपूत को गार्ड ऑफ ऑनर दी सलामी दी गई उसके बाद गांव के ही बाधार में अंतिम संस्कार करने की तैयारी चल रही थी.

अपने बेटे को इस दशा में देख रोए जा रहे थे. जवान बेटा हमारा के कंधा दिहित ओकरा के हमरा कंधा देबे के पड़ता है. अभय मिश्रा के पिता के भीतर का यह दर्द था. जिनका जवान बेटा मृत्यु शैया पर पड़ा था.

पत्नी रानी का छिन गया संसार
4 साल पहले ही रानी के साथ अभय ने शादी की थी. कुछ दिन पहले अभय यह कह कर गया था कि दो-तीन दिन में लौटूंगा अपने मायके कटिहार में रह रही रानी को सूचना मिली कि उसका पति अब नहीं है तो आनन-फानन में उसके मायके वाले अधिकारियों के साथ कटिहार पहुंचे. जैसे ही वह अपने ससुराल तुलसी गांव पहुंची. अपने पति के मृत्यु शैया पर पड़ा देख चित्कार कर रोने लगी. उसके सामने विधवा विलाप करने के शिवा कुछ भी चारा नहीं बचा.

तुलसी गांव मे गूंजा उग्रवाद मुर्दाबाद
जगदीशपुर के तुलसी गांव में जैसे ही अपने चहेते अभय मिश्रा के शव को लोगों ने देखा उन लोगों का गुस्सा उग्रवाद के खिलाफ फुट पड़ा. गांव के लोगों में गुस्सा था और वे एक साथ उग्रवाद मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे. इस दौरान उन्हें सलामी देने जगदीश पुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश जगदीशपुर के वर्तमान विधायक राम विशुन सिंह लोहिया के अलावे भाजपा के प्रवक्ता साहब पूर्व विधायक संजय सिंह टाइगर भी पहुंचे. पूर्व विधायक संजय सिंह टाईगर ने सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश भी व्यक्त किया.

आखिरकार सदा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया अभय
विधाता ने जो अपने कलम से अभय की तकदीर लिखी थी उसको सोच कर आसमान भी रो रहा था. 2 साल के आयुष ने जब मुखाग्नि दी तो हजारों का उमड़ा हुजूम के साथ अधिकारी भी रो पड़े. जैसे ही अभय मिश्रा के 2 साल के पुत्र ने मुखाग्नि दी इसके साथ ही सदा के लिए वे पंचतत्व में विलीन हो गए.

बता दें कि इससे पहले पार्थिव शरीर को पटना जोन सीआरपीएफ के डीआईजी एचएस मल, कोईलवर सीआरपीएफ कैंप 2ic बिनोद रावत डीसीए के ठाकुर, एसीसटेंट कमांडेंट एस झा, भोजपुर एसपी क्षत्रनील सिंह, उपविकाश आयुक्त इनायत खां, जगदीशपुर एसडीओ बालमुकुंद प्रसाद, जगदीशपुर एसडीपीओ दयाशंकर, सहित विधायक राम विशन सिंह, लोहिया पूर्व विधायक, जगदीशपुर भाई दिनेश व 47 बटालियन के गार्ड द्वारा गार्ड ऑफ आनर दिया गया था.

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