CWC ने ठुकराई राहुल गांधी के इस्‍तीफे की पेशकश, कहा- चुनाव हारे लेकिन साहस बरकरार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है. 23 मई के रिजल्ट के बाद कांग्रेस में इस्तीफे का दौर जारी हो गया था. लोकसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद सभी विपक्षी पार्टी की बोलती बंद हो गई है. 17वीं लोकसभा चुनाव में एनडीए 350 के आंकड़ा पार कर लिया है. 23 मई को रिजल्ट आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे का पेशकश कर दी थी. लेकिन आज दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक में उनकी इस्तीफे की पेशकश को ठुकरा दी गई है.

लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन को लेकर चल रही कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक खत्म हो गई है. बैठक के बाद सभी नेता मीडिया से बिना बात किए निकल गए हैं. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी किसी से बात नहीं की. बताया जा रहा है कि बैठक में क्या फैसला लिया गया है इस पर थोड़ी देर में पार्टी की ओर से जानकारी दी जाएगी. इससे पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. लेकिन कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में उसे अस्वीकार कर दिया गया है.

हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता ने रणदीप सुरजेवाला ने राहुल की ओर से इस्तीफा पेशकश करने की खबरों को नकार दिया है. उन्होंने कहा है कि यह खबर गलत है. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में देश भर में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारणों पर मंत्रणा करने के लिए कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की शनिवार को बैठक हो रही है. बैठक में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में अपनी सत्ता को बचाए रखने के मुद्दे पर चर्चा होगी, जहां सरकार को गिराने के प्रयास जारी हैं.

सूत्र ने बताया कि बैठक में हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनावों पर भी चर्चा हो सकती है. सीडब्ल्यूसी के 23 सदस्यों में हाल ही में हुए चुनाव में सिर्फ चार लोग- पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, गौरव गोगोई और ए चेल्ला कुमार ही जीते हैं. लोकसभा चुनाव में हारने वाले 12 अन्य सदस्यों में वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रघुवीर सिंह मीना, जितिन प्रसाद, दीपेंदर हुड्डा, सुष्मिता देव, केएच मुनियप्पा और अरुण यादव हैं.

सीडब्ल्यूसी के सात सदस्यों ने लोकसभा चुनावों में भाग नहीं लिया था. पार्टी ने कांग्रेस शासित पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया है. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मात्र 52 सीटें मिलने के बाद से ही मंथन शुरू हो चुका है. यह संख्या पार्टी को पिछले लोकसभा में पार्टी को मिलीं 44 सीटों से मात्र आठ ज्यादा है. कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राज बब्बर, प्रचार समिति प्रमुख एचके पाटिल, ओडिशा पार्टी प्रमुख निरंजन पटनायक और अमेठी जिला अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.

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