दैनिक वेतनभोगियों की सेवा होगी स्थायी, मिलेगा वेतनमान

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के लिए अच्छी खबर है. अब वो भी अन्य सरकारी कर्मियों की तरह काम कर सकेंगे. तथा वो उन सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जो अन्य सरकारी कर्मी उठाते हैं. 

पटना हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में राज्य में सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा स्थायी करने को कहा है. अब सरकार को इस मामले में कोर्ट में शपथपत्र देना है. इसका राज्य के लगभग 8-10 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को फायदा होगा.

मंगलवार को विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेवा स्थायी करने पर सहमति बन गई. इसी के साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने तमाम विभागों से बुधवार तक उनके यहां वर्ष 2006 से 2017 के बीच कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का ब्योरा मांगा है. इससे पहले सरकार ने वर्ष 1990 तक के दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा स्थायी की थी.  

इसके बाद विभागों ने जरूरत के हिसाब से अपने यहां दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की तैनाती की थी. हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव को दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा को स्थायी या समायोजित करने का आदेश दिया था. 

इसी के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिवों से उनके यहां तैनात सभी वेतन भोगियों का डिटेल माँगा है. ताकि कोर्ट में शपथपत्र पेश किया जा सके. दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को सरकारी कर्मी की तरह वेतनमान, भत्ता और पेंशन की सुविधाएं मिलेंगी. सभी दैनिक वेतन कर्मी स्थायी होने के बाद 60 वर्ष की उम्र तक बेधड़क नौकरी करते रहेंगे.

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