दरभंगा के शहीद नरेश के पिता ने कहा- बेटे पर है गर्व

लाइव सिटीज डेस्कः छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए दरभंगा के अहिला गांव निवासी शहीद नरेश यादव के पिता रामनारायण यादव ने कहा कि मेरा बेटा देश की रक्षा में शहीद हुआ है, मुझे अपने बेटे पर गर्व है. नरेश मेरा इकलौता बेटा था, जिसने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है.



बहादुरपुर प्रखंड के खराजपुर पंचायत स्थित अहिला गांव के निवासी थे. इस घटना से मर्माहत पिता रामनारायण यादव बताते हैं कि उनके परिवार का एकमात्र चिराग बुझ गया. वे भाई में अकेले थे. घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया है.

शहीद नरेश की मां राशो देवी, सहित परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. पत्नी की स्थिति खराब है. शहीद जवान नरेश एक माह की छुट्टी पर 10 दिसंबर को घर आए थे. इस दौरान अपने छत की ढलाई कर 10 जनवरी को सुकमा वापस हो गए थे.

वे दो साल से सुकमा में  तैनात थे. उनकी नियुक्ति 1995 में हुई थी. दो रोज पहले उन्होंने अपनी पत्नी से बात की थी. उन्होंने 27 अप्रैल को घर पहुंचने का आश्वासन दिया था. नरेश की शहादत की सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि ढाढस देने पहुंच गए हैं.

शहीद के पिता ने कहा-नक्सलियों को खत्म करे सरकार


शहीद के पिता भैंस पालक व किसान हैं. उन्होंने मोदी सरकार से देश के अंदर के दुश्मन नक्सलियों को समाप्त करने की मांग की है. शहीद नरेश यादव के पिता राम नारायण यादव ने कहा कि मेरा बेटा देश की सुरक्षा में शहीद हुआ है. मुझे उस पर गर्व है. मुझे और बेटा रहता तो मैं उसे भी सेना में जाने के लिए ही प्रेरित करता.