बक्सर में वोट डालने की तैयारी में मुर्दे, जीवितों के नाम लिस्ट में नहीं…!

बक्सर(शशांक सिंह): कहावत पुरानी है कि इंसान के कर्म महान हों तो वह मरकर भी जीवित रहता है. कहावत कितनी सच है और कितनी झूठ यह तो नहीं पता. लेकिन, बक्सर में यह कहावत खरी उतरती दिखाई दे रही है. बक्सर में नगर निकाय चुनाव के मतदान के लिए मतदाता सूची तैयार कर ली गई है. इसी तैयार मतदाता सूची के तहत मतदान की प्रक्रिया पूरी होनी है. सूची को कई स्तर की जांच के बाद तैयार किया गया है. इस मतदाता सूची के माध्यम से मृतक मतदाता भी वार्ड पार्षदों का भविष्य तय करेंगे. चौंकिए मत, आपने ठीक पढ़ा है. जी हां! वार्ड चुनाव में इस बार ऐसे मतदाता भी मतदान करेंगे जो दुनिया तो छोड़ गए लेकिन वोटर लिस्ट नहीं छोड़ पाए. वह आज भी मतदान कर रहे हैं.

चौंकिए मत, ऐसी ही मतदाता सूची इस बार नगर परिषद, बक्सर में मतदान के लिए तैयार है. जिसमें वर्षों पहले मर चुके लोगों को मतदाता बनाया गया है. वे मतदाता इस साल नगर परिषद चुनाव में अपना मतदान करेंगे और योग्य प्रतिनिधियों की चुनाव करेंगे. नगर के विभिन्न वार्डों में ऐसे सैकड़ों लोग है. जिनको गुजरे हुए जमाने बीत गए हैं पर मतदाता सूची में संशोधन किये बगैर मृतकों को नगर परिषद चुनाव में मतदाता बनाया गया है. इस गलती के लिए जिम्मेवार कौन है. यह बड़ा सवाल है. कई स्तरों में जांच एवं संशोधन के बाद प्रकाशित मतदाता सूची में ऐसी गलती कैसे हुई? यह गंभीर सवाल खड़ा करता है.

वार्ड नं 26 में 7 मृतकों को बनाया मतदाता

बक्सर नगर परिषद के वार्ड 26 में कई ऐसे मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, जिनको मरे हुए वर्षों हो गये हैं. लेकिन निर्वाचन विभाग की मेहरबानी से मृतक मतदाता सूची में अपना स्थान बनाये हुए हैं. जिस तरह मतदाता सूची में नाम दर्ज है, शायद वह मतदान भी करें तो यह आश्चर्य का विषय नहीं होगा. क्योंकि सूत्रों का मानना है कि मृतकों के नाम पर ही कई बार मतदान होता रहा है. यह तो महज एक वार्ड का उदाहरण है. ऐसे पूरे नगर परिषद में सैकड़ों मृतक हैं, जिन्हें नगर परिषद चुनाव में मतदाता बनाया गया है. उनके नाम पर अन्य लोग मतदान करते हैं. वहीं वार्ड 18 में भी कई ऐसे लोग है जिन्हें मरे हुए पांच से दस वर्ष हो चुके हैं. लेकिन उनका भी मतदाता सूची में नाम है.

ये मृत होकर भी वोटर लिस्ट में जीवित हैं

वार्ड नं. 26 की मतदाता सूची के क्रम संख्या-362 कमाल अख्तर इपिक नंएलजेडएक्स0915934, क्रम संख्या-421 होदा इपिक नं. डब्ल्यूजेजे0408567, क्रमसंख्या-660 सुमन कुमारी इपिक नं. डब्ल्यूजेजे008996, क्रम संख्या-852 मोहम्मद शफीक डब्लयूजेजे1593078, क्रम संख्या-2760 उदय कुमार वर्मा एलजेडएक्स0918540, क्रम संख्या-849 हीरालाल चौरसिया डब्ल्यूजेजे0090365, क्रमसंख्या-847 कलावती देवी डब्ल्यूजेजे0090373 है. जो वर्षों पहले मर चुके हैं. लेकिन किसकी मेहरबानी से ये वर्षों मरने के बाद मतदाता बने हुए हैं.

वार्ड में कुल मतदाता हैं

वार्ड 26 में कुल 2838 मतदाता शामिल है. जिसमें 1543 पुरूष एवं 1295 महिला मतदाता शामिल हैं. इन मतदाताओं में 7 मृत लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया है. मृत मतदाताओं के यह आंकड़े सिर्फ एक वार्ड के हैं तो पूरे नगर परिषद चुनाव में सैकड़ों मृत मतदाताओं का नाम शामिल हो सकता है.

कौन है जिम्मेवार

मतदाता सूची के प्रकाशन के पूर्व कई स्तरों पर सूची की जांच की जाती है. आखिर मृतकों को मतदाता सूची में संशोधन को लेकर कार्य किया नहीं किया गया है या फिर जान—बूझकर इनका नाम मतदाता सूची में रखा गया है. जबकि मतदाता सूची को वार्ड में दुरूस्त करने का कार्य बीएलओ द्वारा किया जाता है. सवाल उठता है कि बीएलओ ने कहीं मतदाता सूची बनाने में केवल टेबल वर्क तो नहीं किया है.

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