अगले 6 महीने में पटना जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने का लें संकल्प : विजय कुमार सिन्हा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में सभी बच्चों को सुरक्षित और बेहतर बचपन देना उनके विकास के लिए बहुत ही महत्वसपूर्ण है. विश्वस्तर पर बाल श्रम के मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. बच्चे हमारे भविष्य की उम्मीद हैं. बाल श्रम सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के बनाए व्यवस्था और संरक्षण में चलते हैं. देश का 10 प्रतिशत से ज्यादा बाल श्रमिक बिहार से है और ग्रामीण क्षेत्र में 90 प्रतिशत से ज्यादा है. बाल श्रम के कारण बच्चों का बचपन होटल, दुकानों, फैक्ट्री और ढ़ाबों पर काम करते हुए गुजर जाता है उसके सपने मर जाते हैं. बिहार सरकार, राज्यों को बाल श्रम मुक्ता कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उक्तत उदगार विजय कुमार सिन्हा मंत्री श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर व्यक्त किए.

आगे अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यदि राज्य के अन्दर कहीं भी बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए नंबर whastsaap नंबर 9471229133 पर इसकी सूचना दे सकते हैं. उन्होनें विश्वास दिलाया की शिकायतें मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी. समाज में बाल श्रम करवाने वाले दोषी व्यक्तियों का बहिष्कृत करना चाहिए. उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आगामी 6 माह में पटना जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया.

बाल मजदूरी के प्रति विरोध एवं जगरूकता फैलाने के मकसद से पूरे विश्व में हर साल 12 जून को बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है. इसी अवसर पर आज श्रम संसाधन विभाग और यूनिसेफ के द्वारा नेहरु युवा केंद्र के सहयोग से पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ध्यान संस्थान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन विजय कुमार सिन्हा, मंत्री श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा डॉ. सुभाष शर्मा, विकास आयुक्त, बिहार, अतुल प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग, दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग, के सेंथिल कुमार, विशेष सचिव, श्रम ससांधन विभाग, गोपाल मीणा, श्रमायुक्त, बिहार, धमेन्द्र सिंह, निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण, प्रयास के महासचिव आमोद कंठ, यूनिसेफ के कार्यक्रम प्रबंधक, शिवेंद्र पांड्या , नेहरु युवा केंद्र की राज्य निदेशक डॉ. ज्योत्सना कुमारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थित में दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

 

कार्यक्रम के दौरान ड्राफ्ट बिहार बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियमावली, 2019 का आम जनमानस के सुझाव/मंतव्य हेतु अनावरण किया गया. भारत सरकार ने संशोधित नियमावली के आधार पर राज्य ने इस मसौदे को तैयार किया है. एक महीने तक लोगों के सुझाव/फीडबैक के बाद इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा. इस दौरान मंत्री महोदय ने विभिन्न बाल/बालिका गृहों एवं विषेष प्रषिक्षण केन्द्रों में आवासित चित्रकारी प्रतियोगिता में सफल बच्चों के बीच पुरस्कार वितरण भी किया.

कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार द्वारा संचालित पटना जिले के विभिन्न बाल गृहों जैसे विशेष आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र बांका, जमुई, गया, पटना और किलकारी के बच्चों द्वारा बाल श्रम विषय पर एक नाटक का मंचन किया गया. विशेष आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र, बाल श्रम से मुक्त करवाए गए बच्चों के पुनर्वास के लिए सरकार के द्वारा हाल ही में शुरू किया गया है. इस नाटक के माध्यम से बच्चों ने बाल श्रम के कुप्रभाव को दिखलाया और अपने सपनों के बारे में भी बतलाया . इस दौरान विभिन्न बाल गृहों एवं विशेष आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र के बच्चों के द्वारा की गई पेंटिग की प्रदर्शनी भी लगाईं गई.

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