डीएलएड कैंडिडेट को 15 क्लास करना अनिवार्य, इस खबर से करें सारे कंफ्यूजन दूर

लाइव सिटीज डेस्क : डीएलएड कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है. साथ ही पहले सेमेस्टर की पढ़ाई भी शुरू हो गयी है. एनआईओएस ने स्वयं नाम से अकादमी पोर्टल बनाया है. इस पोर्टल में सारे स्टडी मेटेरियल डाले गए हैं. इसके अलावा एनआईओएस वेबसाइट पर भी स्टडी मेटेरियल उपलब्ध है.
एनआईओएस ने बाजार में बिकने वाली नकली किताबों से अभ्यर्थी को बचने का निर्देश दिया है. इनकी मानें तो यह एग्जाम पूरी तरह से पेपरलेस है. 31 जनवरी तक पहले सेमेस्टर की पढ़ाई होगी. इसके बाद फरवरी में पहला एग्जाम लिया जायेगा. एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.चुन्नू प्रसाद ने बताया कि डीएलएड कोर्स के सिलेबस में आए दिन बदलाव हो रहे हैं। इसकी जानकारी शिक्षकों को स्वयं अकादमी पोर्टल से दी जाती है. बाजार में नकली किताबें आ गयी हैं. जिसमें सिलेबस सही नहीं है. फरवरी में पहला एग्जाम लिया जायेगा.

डीएलएड कोर्स से जुड़े अभ्यर्थियों के लिये जल्द ही स्टडी क्लासेज शुरू की जाएगी. इसके लिये स्टडी सेंटर का निर्धारण किया जा रहा है. प्रदेश भर में 2600 स्टडी सेंटर बनाए जाएंगे. एक स्टडी सेंटर पर अधिक से अधिक 100 अभ्यर्थियों का नामांकन होगा. जिस स्टडी सेटर पर नामांकन होगा, उसी स्टडी सेंटर पर अभ्यर्थी क्लास कर करेंगे. एक अभ्यर्थी को 15 क्लास करना अनिवार्य है. बता दें कि सभी कैंडिडेट का आईडी कार्ड भी जारी कर दिया गया है.
ज्ञात हो कि पहले सेमेस्टर में सब्जेक्ट कोड 501, 502 और 503 की पढ़ाई होगी और इसी की परीक्षा भी ली जायेगी. एनआईओएस ने एक अभ्यर्थी के लिये नौ बार तक परीक्षा देने का अवसर दिया है. दो साल के कोर्स में चार सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की जायेगी. अगर कोई अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं तो वह एक विषय के लिये नौ बार परीक्षा दे पायेंगे, लेकिन अभ्यर्थी को सारे विषय में पास करना जरूरी है.

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