‘गांधी अब तक राष्ट्रपिता थे, अमित शाह ने उन्हें बनिया तक सीमित कर दिया’

लाइव सिटीज डेस्क (नियाज आलम) : अमित शाह द्वारा रायपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और  राजद के अन्य नेताओं ने अमित शाह के बयान की तीखी आलोचना की है.  

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अमित शाह के बयान पर कहा कि अबतक महात्मा गांधी को लोग राष्ट्रपिता के नाम से जानते थे. लेकिन अमितशाह जी ने गांधी जी की जाति देश को बता “बनिया” तक सीमित कर दिया. तेजस्वी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि गोडसे के वंशजों को गांधी जी से दिक़्क़त है क्योंकि महात्मा बापू शांति,सत्य,अहिंसा के पुजारी थे. लेकिन BJP इन सिद्धांतों एवं मूल्यों की धुर विरोधी हैं. 



तेजस्वी के अलावा राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.रामचन्द्र पूर्वे, प्रधान महासचिव सह विधायक मुन्द्रिका सिंह यादव एवं प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में जाति सूचक शब्दों से परिभाषित करने पर घोर आपत्ति प्रकट की है.

दरअसल भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने छतीसगढ़ के रायपुर में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी को चालाक बनिया कहा है. राजद नेताओं ने कहा है कि महात्मा गांधी के बारे में जाति सूचक शब्द का प्रयोग कर अमित शाह ने देश की आजादी की लड़ाई में शिरकत करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के साथ हीं देश की जनता को अपमानित करने का काम किया है. 

राजद के नेताओं ने कहा कि अमित शाह अविलंब गांधी जी के बारे में कहे अपने शब्दों को वापस लेकर देश की जनता से माफी मांगें. राजद नेताओं ने कहा है कि गोडसे को महिमामंडित करने वाले लोग राजनीति को भी व्यापार समझते हैं.  स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान अंग्रेजों मुखबिरी करने वाले लोगों के दिल में आज भी महात्मा गांधी के प्रति नफरत और घृणा भरी हुई है.

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