डिप्टी सीएम तारकिशोर के साले, बहू और रिश्तेदारों को मिला 53 करोड़ का ठेका, आरोप पर तेजस्वी ने कहा- क्यों नहीं जगती सीएम नीतीश की अंतरात्मा?

 लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद पर गंभीर आरोप लगे हैं. उनपर अपने बेटा-बहू और परिवार के सदस्यों को सरकारी टेंडर देने का आरोप लगा है. टेंडर 1 या 2 करोड़ का नहीं बल्कि 53 करोड़ का है. कहा जा रहा है कि सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट “हर घर नल का जल” योजना में तारकिशोर प्रसाद के परिवार को सबसे ज्यादा लाभ मिला है. जिसपर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए. लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकते हैं.

तेजस्वी ने आगे कहा कि सभी जानते हैं कि अनुकंपा के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार वैशाखी पर चल रही है. उन्होंने अपने मुंह को बंद कर रखा है. एनडीए सरकार में सरकारी खजानों की लूट मची हुई है. घूस और कमीशन के बिना कोई काम नहीं होता है. बिहार में एक सिपाही के यहां 10 करोड़ की संपत्ति मिलती है. इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़े-बड़े अधिकारियों के यहां कितनी संपत्ति होगी. लेकिन मुख्यमंत्री इन बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि एक से दो दिन के अंदर आरजेडी इस मामले में और खुलासे करेगा. कटिहार के विधायक पर कई और आरोप लगते रहते हैं. जिसका राजद खुलासा करेगा. 53 करोड़ के टेंडर के बंदरबाट की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. जनता के पैसे को ऐसे ही लूटने नहीं दिया जाएगा. यहीं आरोप अगर दूसरे दल के लोगों पर लगता तो बीजेपी वाले हाय-तौबा मचाते, लेकिन बीजेपी के किसी लोगों पर आरोप लगे तो वह दूध का धुला रहता है.

बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस ने इस योजना के बारे में चार महीने तक जांच की, जिससे पता चला है कि इसका सबसे ज्यादा फायदा राजनेताओं को हुआ है. बीजेपी के विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के परिवार को इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ मिला है. इस योजना के तहत उनके परिवार के सदस्यों को 53 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं.

प्रोजेक्ट को पाने वालों में डिप्टी सीएम  की बहू पूजा कुमारी और उनके पत्नी के भाई प्रदीप कुमार भगत की दो कंपनियां भी शामिल हैं. प्रसाद के करीबियों प्रशांत चंद्र जायसवाल, ललित किशोर प्रसाद और संतोष कुमार की कंपनियों को भी इस योजना से जुड़े प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं. जांच में पता चला है कि कटिहार में भवदा पंचायत के सभी 13 वार्डों में पूजा कुमारी और प्रदीप कुमार भगत की कंपनी को ठेका दिया गया.