सारे क्षेत्र में विकास का हो रहा काम, 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांधी मैदान से सीएम नीतीश ने गिनायी सरकार की उपलब्धियां

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने झंड़ा फहराया. समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज के दिन हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हैं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी. मैं उन वीर जवानों को भी नमन करता हूँ, जो बहादुरी से देश की सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं. देश के थल, जल और नभ की रक्षा करने वाले भारतीय सेना का हम अभिनंदन करते हैं.

इतिहास इस बात का गवाह है कि बिहार ने स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभायी थी. बिहार के लोगों ने हमेशा राष्ट्रनिर्माण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है और देश के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की है.



मुख्यमंत्री ने देश और बिहार के कोरोना वॉरियर्स को मुख्यमंत्री अभिनंदन किया. साथ ही कहा कि इस विषम परिस्थिति में सबलोग पूरी कोशिश कर रहे हैं, पूरी मेहनत कर रहे हैं ताकि लोगों को इससे राहत मिले, इससे छुटकारा मिले. बिहार सरकार पूरे तौर पर केंद्र के अनलॉक-3 के लिए जो दिशा निर्देश हैं उसका पालन कर रही है. उसके अलावा जो भी आवश्यकता है उसे ध्यान में रखते हुए जरुरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं. कोरोना जांच की संख्या लगातार बढ़ायी जा रही है. कल 1 लाख 20 हजार से भी अधिक जांच हुई और ये सिलसिला हमलोग बढ़ाते जा रहे हैं. प्रखंड स्तर पर प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भी जांच का इंतजाम किया गया है, जो चाहेंगे उनकी भी जांच हमलोग करवा रहे हैं.

राज्य के जो निजी चिकित्सा संस्थान हैं उनको भी ये सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा हमलोगों ने तीन स्तर पर जांच का इंतजाम कर रखा है. होम आइसोलेशन में जिन्हें रहने का सुझाव दिया जाता है उनकी भी जानकारी ली जाती है, मेडिकल किट दिए जाते हैं.

राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए भी हमलोग काम कर रहे हैं. एक महीने के समतुल्य वेतन, प्रोत्साहन राशि के रुप में उनको देने का निर्णय लिया गया है. हमलोगों ने निर्णय लिया कि हमारे लोग जो बाहर फंसे हुए हैं उनको हम 1000 रुपए की सहायता देंगे. अन्य राज्यों में फंसे हुए लगभग 21 लाख यानि 20 लाख 95 हजार से भी ज्यादा लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 1000 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से विशेष सहायता दी गई.

लॉकडाउन के दौरान लोगों की सहायता की गई. लॉकडाउन की अवधि में राज्य सरकार की तरफ से 8 हजार 538 करोड़ रुपए खर्च किए गए और राज्य में 1 करोड़ 64 लाख राशन कार्डधारियों एवं राशन कार्ड हेतु चिन्हित परिवारों को 1000 रुपए प्रति परिवार की दर से 1640 करोड़ रुपए वितरित किये गये. 12 अगस्त 2020 तक 23 लाख 01 हजार लाभुक परिवारों के बीच राशन कार्ड वितरित किए जा चुके हैं. बाकी जो थोड़े बहुत बचे हैं उन्हें भी बहुत जल्द वितरित कर दिया जाएगा.

.षि अनुदान इनपुट के तहत 18 लाख से अधिक किसानों को 568 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. लॉकडाउन में विद्यालयों के बंद होने के कारण मैट्रिक एवं इंटर को छोड़कर सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं को बिना वार्षिक परीक्षा में अगली परीक्षा में प्रोन्नत करने का निर्णय लिया गया. दूरदर्शन बिहार के माध्यम से कक्षावार शिक्षा दी जा रही है.

अन्य राज्यों से जो हमारे लोग लौटे हैं, जो बाहर काम करते थे, मजदूरी करते थे उनके लिए रोजगार सृजन के लिए प्रत्येक जिले में उद्योग के 5 छोटे तथा दो बड़े क्लस्टरों का निर्माण करने हेतु कार्रवाई की जा रही है.

14 अगस्त, 2020 के आकड़े के अनुसार 16 जिलों में 130 प्रखंडों के अंतर्गत 1303 पंचायतों में लगभग 81 लाख से भी ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। राज्य सरकार द्वारा बाढ़ में फंसे हुए लोगों की सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है.

आप तो जानते ही हैं कि जो भी आपदा पीड़ित लोग हैं सरकार के खजाने पर उनका सबसे पहला अधिकार है. बाढ़ से जहां कहीं भी फसल क्षति हुई है उसका भी आंकलन कराया जा रहा है और उनको भी सहायता दी जायेगी. इसके अलावा जिनकी मृत्यु हो जाती है उनको भी सहायता देने के साथ-साथ मृतक पशुओं के लिए भी सहायता दी जायेगी.

राष्ट्रीय स्तर पर अपराध के आंकड़ों के अनुसार, देश भर के राष्ट्रीय अपराध में संज्ञेय अपराध का औसत दर 01 लाख की जनसंख्या पर 383.05 है. देश के औसत से बिहार का काफी कम 222.01 है.

प्रशासनिक सुधार के लिए भी अनेक काम किये गये. वर्ष 2011 में बिहार लोक सेवाओं का अधिकार कानून शुरू किया. जाति, आय, आवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोक सेवा अधिकार कानून का फायदा उठाने वाले 75 प्रतिशत लोग हैं.  

हमलोगों ने आधारभूत संरचना के लिए काफी काम किया है. पहले कितनी सड़कें थीं और अब कितनी सड़कें हैं. हमलोगों ने बिहार के सुदूरवर्ती इलाके से 06 घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य को लगभग प्राप्त कर लिया है. अब 05 घंटे के अंदर पटना पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

महिलाओं के लिए प्राथमिक शिक्षक नियोजन में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान हमने किया है. पुलिस बल में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. बेटी के बिना ये धरती नहीं चलने वाली है

अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिये जो कार्य किये गये हैं, वो सबको पता है. हमलोगों ने जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया. अब आप सोच लीजिये कितना पर्यावरण के प्रति जागृति आई है. राज्य के पंचायती राज संस्थान एवं नगर निकाय के शिक्षकों की सेवा शर्तों को बेहतर बनाने के लिये शीघ्र नई सेवा शर्त नियमावली लागू की जायेगी. कोविड-19 से मुक्त हुए व्यक्तियों के रक्त प्लाज्मा दान करने पर प्रति दानकर्ता को धन्यवाद देते हुए राज्य सरकार की तरफ से 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा.

सरकार की कामना है कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारे का वातावरण कायम रहे तथा पर्यावरण का संरक्षण हो और राज्य को कोरोना संक्रमण की महामारी से मुक्ति मिले. आइये, स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि बिहार को राष्ट्र के मानचित्र पर एक खुशहाल राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए अपना सहयोग प्रदान करेंगे. इस अवसर पर एक बार पुनः सभी बिहारवासियों को शुभकामनाएं देता हूं. जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद.