डीजीपी ने कहा- इंसाफ की ओर पहला कदम, न्यायमूर्ति ही भगवान हैं

पटना/अमित जायसवाल : एक्टर सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट के तरफ से दिए गए फैसले पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने इसे इंसाफ की ओर पहला कदम बताया है. सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही सीबीआई को सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच करने की जिम्मेवारी सौंपी, अपना फैसला सुनाया. उसके बाद इस फैसले पर डीजीपी ने अपनी खुशी जाहिर की.

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सुशांत के पिता केके सिंह के कंप्लेन पर राजीव नगर थाना में पटना पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की. मुंबई में बिहार पुलिस ने जो जांच की. जो हमने कदम उठाया था, वो पूरी तरह से सही थी. कानून के दायरे में उठाया गया कदम था. बिहार पुलिस के फैसले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है, उसे सही करार दिया है. पटना में दर्ज एफआईआर को सही बताया है. आज साबित हो गया है कि न्यायमूर्ति ही भगवान होते हैं.



एक बार फिर उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस जांच करने गई बिहार पुलिस की टीम को सहयोग नहीं कर रही थी. पटना से गए आईपीएस अधिकारी को आधी रात में जबरन क्वारेंटाइन कर दिया था. लेकिन अब असलियत सामने आएगी. ये देश की 130 करोड़ जनता की पहली जीत है. बिहार सरकार और पुलिस पर आरोप लगाने वालों को आज करारा जवाब मिला है.

– रिया की हैसियत नहीं है कि वो सीएम पर टिप्पणी करे
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद डीजीपी ने पत्रकारों से इस मामले से जुड़े हर प्वाइंट पर खुलकर बात की. सीधे कहा कि सीबीआई एक प्रोफेशनल जांच एजेंसी है. समय जो भी लगे, हर हाल में असलियत सामने आएगी. एक सवाल के जवाब में गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है कि वो बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ऊपर कोई टिप्पणी करे. यह साबित हो गया है कि सीएम नीतीश कुमार का लिया गया फैसला पूरी तरह से सही था.