आज जो लोग बोल रहे हैं, उनके राज में कुछ होता था क्या? चुनावी कैंपेन का आगाज करते हुए सीएम नीतीश ने सरकार की गिनाई उपलब्धियां

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जेडीयू की ओर चुनावी कैंपेन का आगाज कर दिया गया. सीएम नीतीश कुमार ने 6 जिलों के 11 विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित किया. सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि हम वोट की चिंता नहीं करते, सेवा ही हमारा धर्म है. उन लोगों को वोट लेना ही मकसद है. आज तक तो वे लोग सिर्फ वोट लेकर बेवकूफ बनाते रहे.

सीएम नीतीश ने इशारों ही इशारों में विपक्ष पर हमला  बोलते हुए कहा कि कुछ लोग बिहार के बारे में आर्टिकल लिख रहे हैं. लेकिन ये नहीं देख रहे कि हमारा विकास दर 10 प्रतिशत से अधिक है. यह सही है कि कोई बड़ा उद्योग धंधे नहीं लगे लेकिन छोटे स्तर पर कई उद्योग लगे हैं. हमारे यहां ज्यादा बड़ा उद्योग नहीं लग सकता. हमलोगों ने काफी कोशिश की लेकिन बिहार में बड़े उद्योगपति नहीं आये. वे लोग समुद्री किनारे वाले राज्यों को पसंद करते हैं, लेकिन आज कल लोग कुछ भी बोलते रहते हैं.



उन्होंने लालू-राबड़ी राज पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पहले कुछ काम होता था क्या? पहले आपदा में क्या होता था? आज जो लोग बोल रहे हैं, उनके राज में कुछ होता था क्या? लिस्ट बनते ही रह जाता था, लेकिन पीड़ित परिवार को कुछ नहीं मिलता था. लेकिन आज आपदा पर सबसे पहले हक आपदा पीड़ितों का है. हम लोग आपदा पीड़ितों की सेवा के हरसंभव मदद करने का काम किया.

15 वर्ष से हम लोगों ने कितना ज्यादा विकास का काम किया है. जीएसडीपी स्थिर मूल्य पर 2005 में 2006,2007 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद 88 हजार 840 करोड़ था. 2019-20 में 4 लाख 9 सौ 74 करोड़ रूपया हो गया है. विकास दर 12.59 प्रतिशत की रही है. बिहार जनसंख्या की वृद्धि दर 20 फीसदी हुई है. 15 वर्षो में विकास का दर डबल डिजिट में रहा है. कुछ लोग कुछ ना कुछ बोलते रहते है.

माना की कोई उद्योग नहीं लगा. हमलोगों ने काफी प्रयास किया. लेकिन गांव-गांव में हमने जो विकास किया उससे लोगों  की आमदनी बढ़ी. हमलोगों ने तो बहुत कोशिश की उद्योग लगाने की, लेकिन बिहार चारों बगल से घिरा हुआ है, हम सभी जानते है ज्यादा उद्योग वहां लगता है जहां समुद्री इलाका होता है.

कानून का राज हम लोगों ने स्थापित किया. थ्री सी से हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. शिक्षा के क्षेत्र में हमने काम किया. लड़कियां कितना स्कूलों के बाहर रहती थी. प्रजनन दर कम करने के लिए हमलोगों ने आंकलन किया तो पाया कि पति पत्नी मैट्रिक पास हैं तो औसत प्रजनन दर 2 हैं. इसी से यूरेका की भावना मेरे मन में आयी. हरेक ग्राम पंचायत में बारहवी तक की पढ़ाई हो इसकी व्यवस्था की गयी. हमलोगों ने तो सारा इंतजाम कर दिया.