अब डीजल सब्सिडी के लिए भी ऑनलाइन आवेदन, किसानों को तो सीखना पड़ेगा डिजिटल का abc

लाइव सिटीज डेस्क : कार्यों में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाने के लिए बिहार सरकार लगातार नए-नए कदम उठा रही है. डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए बिहार सरकार भी  कई सरकारी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर चुकी है. बिहार में अब इंटर या ग्रेजुएशन में छात्रों का एडमिशन ऑनलाइन कर दिया गया है. लेकिन इन सबके बीच अब सरकार किसानों को भी इसी डिजिटल प्लेटफार्म पर जोर रही है. किसान को भी अब डिजिटली साउंड होना पड़ेगा. डीजल सब्सिडी के लिए किसानों को भी ऑनलाइन ही अप्लाई करना होगा.

मतलब यह कि फसलों की सिंचाई पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए किसानों को अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा. निबंधित किसानों को अधिकृत विक्रेता से प्राप्त डीजल खरीद की रसीद को विभागीय पोर्टल पर आवेदन के साथ अपलोड करना होगा. आसपास के के किसानों से सिंचाई का सत्यापन कराना होगा. कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन का सॉफ्टवेयर तैयार हो गया है. जिलों में राशि का आवंटन जाते ही किसानों के लिए खोल दिया जाए. जुलाई के पहले सप्ताह तक उम्मीद है कि ऑनलाइन आवेदन शुरू हो जाएगा.

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खरीफ फसलों के लिए 30 अक्टूबर तक डीजल खरीदने वाले किसान इसके हकदार होंगे. कृषि विभाग ने सब्सिडी की राशि में पांच रुपये प्रति एकड़ का इजाफा कर दिया है. पहले प्रति एकड़ सब्सिडी के रूप में 35 रुपये मिलते थे, अब 40 रुपये मिलेंगे. एक बार में प्रति एकड़ अधिकतम 10 लीटर डीजल की खरीद पर यह लाभ मिलेगा. नियमों के मुताबिक बिचड़ा समेत धान की चार सिंचाई पर किसानों को प्रति एकड़ 400 रुपये डीजल सब्सिडी के रूप में मिलेंगे.

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इसी तरह मक्का की दोनों फसलों पर सब्सिडी दी जाएगी. अन्य खरीफ फसलों में दलहन, तेलहन, मौसमी सब्जियां, औषधीय एवं सुगंधित पौधे की तीन सिंचाई के लिए डीजल अनुदान दिया जाएगा. रैयत एवं गैर रैयत दोनों तरह के किसानों को लाभ मिलेगा. नया नियम गांवों एवं शहरों में समान रूप से लागू होगा. बैंक एक क्लिक में सभी किसानों को भुगतान कर देगा. लाभार्थी किसानों की सूची जिला प्रशासन पहले बैंक को भेजेगा.

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