लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: गुरुवार को पटना समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में मंत्री पथ निर्माण सह प्रभारी मंत्री पटना जिला नन्द किशोर यादव की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत गठित जिला परामर्श समिति की पहली बैठक सम्पन्न हुई.  बैठक में माननीय मंत्री पथ निर्माण विभाग-सह-प्रभारी मंत्री श्री नन्द किशोर यादव ने कहा कि राज्य सरकार अतिमहत्वपूर्ण अभियान जल-जीवन-हरियाली अभियान चला रही है. बिहार राज्य अनेक तरह की आपदाओं से घिरा हुआ है. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य ही ऐसा राज्य है जिसे एक साथ बाढ़ एवं सुखाड़ दोनों का सामना करना पड़ता है.

नन्द किशोर यादव ने कहा कि बिहार में वर्षापात कम हो रही है तथा जमीन के अंदर का जल स्तर दिन-प्रतिदिन नीचे जा रहा है. भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित कैसे हो. जल संकट से भावी पीढ़ी का जीवन ही कठिन न हो जाय, इसके लिए बिहार सरकार ने जल-जीवन-हरियाली योजना की शुरूआत की है. वर्षा का पानी एवं बाढ़ का पानी सीधे समुद्र में न जाकर जमीन के अंदर जाए और जमीन के अंदर का जल स्तर बरकरार रहे. इसके लिए बिहार सरकार जल-जीवन-हरियाली योजना के अंतर्गत चापाकल एवं कुओं के लिए सोखता, मकानों पर रेन हर्वेस्टिंग, तालाब, आहार एवं पईन को अतिक्रमण मुक्त करते हुए उसे उड़ाही कर जीवन्त बनाने की योजना है.

‘जमीन के नीचे के जल स्तर को रखना है बरकरार’

मंत्री ने कहा कि जल का संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण की योजना को जल-जीवन-हरियाली योजना के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत गठित जिला परामर्श समिति की बैठक में जन प्रतिनिधिगण उपस्थित हैं. वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्रोतों की जानकारी देंगे तथा जन प्रतिनिधियों के क्षेत्रों में उनके द्वारा दिये गये जल स्रोतों तालाब, आहर, पईन की योजना को शामिल करते हुए क्रियान्वित कर जमीन के नीचे के जल स्तर को बरकरार रखना है.

जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत योजनाओं को किया जायेगा पूर्ण

नन्द किशोर यादव ने कहा कि जिला परामर्श दात्री समिति की बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के जल स्रोतों के जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण के लिए जो-जो योजनाएं दी हैं, इन योजनाओं को जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत पूर्ण किया जायेगा. जन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के जल स्रोतों की जानकारी एवं आहर, पाईन, पोखर के उड़ाही एवं अतिक्रमणमुक्त करने की योजनाओं का लिखित रूप से समिति को नहीं दिया है, वे निश्चित रूप से दिनांक- 26.12.2019 तक अपनी-अपनी योजनाओं को दे देंगे. इन योजनाओं को शामिल कर जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत शामिल किया जायेगा.