जान लें : दहेज का मामला अब अटकेगा नहीं, फटाफट निपटेगा

लाइव सिटीज डेस्क :  बिहार में दहेज विरोधी अभियान की सख्ती का असर जल्द दिखने लगेगा. दहेज़प्रथा का कोई भी केस अप लम्बे समय तक पेंडिंग नहीं रहेगा. इसका निपटारा फटाफट किया जाएगा. जागरूकता अभियान और नियमों को लेकर सख्ती के बाद अब सरकार ने उन मामलों में पर ध्यान दिया है, जो थानों और कोर्ट में अटके हैं.

दहेज उत्पीड़न के ऐसे मामलों का सरकार फटाफट निपटारा करा दोषियों को सजा दिलाने की तैयारी में है, ताकि समाज में साफ संदेश जाए. सभी पुलिस कप्तानों को हिदायत दी गई है कि वे दहेज उत्पीड़न से जुड़े लंबित मामलों में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कराएं.

दहेज विरोधी अभियान के तहत हाल ही में पुलिस मुख्यालय की कमजोर वर्ग शाखा के साथ संबंधित महकमों के आला अधिकारियों की बैठक हुई थी. यह बात सामने आई कि दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले इस वजह से लंबित पड़े हैं, क्योंकि उनमें अभी चार्जशीट ही नहीं हुआ है. बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं जिनमें एक नहीं आधा-आधा दर्जन आरोपी हैं. अनुसंधान की गति भी बहुत तीव्र नहीं. जिस पर आरोप है उसका कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है.

बैठक में सरकार के आला अधिकारी और पुलिस महकमे के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. यह तय हुआ कि सभी अटके मामले में चार्जशीट दाखिल कर दिया जाए. अगर किसी ने अपने को फंसाने की बात कही है तो वह न्यायालय में अपनी बात साबित करे. ट्रायल के क्रम में सब कुछ सामने आएगा. वैसे लोग साक्ष्य के आधार पर बरी भी हो जाएंगे, जिन्हें जानबूझकर फंसाया गया है. जो लोग दोषी होंगे उन्हें सजा मिलेगी.

इसके बाद दीपावली के ठीक पहले सरकार की ओर से सभी पुलिस कप्तानों को यह पत्र भेजा गया कि वे थानों को दहेज के मामले में चार्जशीट किए जाने को ले स्पष्ट निर्देश दें. पुलिस कप्तानों को पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग को हर महीने यह जानकारी देनी होगी कि उनके जिले में दहेज से जुड़े कितने मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई और कितने मामलों में ट्रायल आरंभ हुआ.