कार्ति चिदंबरम पर ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस

लाइव सिटीज डेस्क : पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के परिवार के बुरे दिन चल रहे हैं. 16 मई को हुई इनकम टैक्स  की बड़ी रेड व सीबीआई छापे के बाद एक और मुसीबत इनके परिवार पर आ पड़ी है. प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति चिदंबरम को बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है. इसके अलावा कई और लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. 

जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा बरामद दस्तावेज बताते हैं कि कार्ति के करीबी सहयोगी एस भास्करमरण की पत्नी पद्मा भास्कररमण को कागजों में एएससीपीएल का प्रमोटर और निदेशक बनाया गया था. ऐसा बिजनेस को नियंत्रित करने वालों की पहचान छुपाने के लिए किया गया था.



कागजात से मिली जानकारी के मुताबिक  चिदंबरम के बेटे कार्ति एएससीपीएल के लाभार्थी और इंचार्ज थे. कंपनी पर INX मीडिया को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने का आरोप है और सीबीआई इस मामले में जांच कर रही है.

अब सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी भी कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच की तैयारी कर रही है. ईडी ने इसके लिए FEMA (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट) के तहत एक रिपोर्ट तैयार कर ली है. रिपोर्ट के तहत पदमा भास्कररमण कागजों पर इकलौती प्रमोटर और डाइरेक्टर हैं वहीं वो पेशे से एक स्कूल टीचर हैं. कार्ति की पहचान छुपाने के लिए पदमा के भाई भी इस प्रॉजेक्ट में प्रमोटर के तौर पर शामिल किए गए थे.

ईडी ने अपनी जांच में कहा है कि सीबीएन रेड्डी, रवि विश्वनाथन और एस भाष्कररमण, सभी एएससीपीएल के निदेशक कार्ति चिदंबरम के इशारों पर काम करते थे. वहीं एस भाष्कररमण एएससीपीएल के दिन प्रति दिन के कामों में अपना दखल कार्ति चिदंबरम के कहने पर रखते थे.

यह भी पढ़ें- चिदंबरम व उनके बेटे के घर पर सीबीआई का छापा