आरोप लगाने वालों पर 50 करोड़ की मानहानि ठोकेंगे शिक्षा मंत्री मेवालाल, विभाग का संभाला कार्यभार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार में नये कैबिनेट का गठन हो गया है. विभाग बंटवारे के बाद सभी मंत्री धीरे-धीरे विभाग का पदभार संभालने लगे हैं. आज स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, भवन निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग के मंत्रियों ने कार्यभार संभाला. लेकिन इनमें सबसे विवादित मंत्री मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर सियासी बवाल मचा हुआ है. मुख्य विपक्ष आरजेडी ने तो नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है.

तमाम विवादों के बीच मेवालाल चौधरी ने आज शिक्षा विभाग का कार्यभार संभाल लिया. विभाग के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कामों की प्राथमिकता बतायी. साथ ही अपने उपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि आज की डेट में मुझपर कोई आरोप नहीं है.



वहीं बिहार के नए शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी ने तेजस्वी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली है और चुनौती भी दी है. उन्होंने कहा कि मुझ पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद है. मैं चार्जशीटेड नहीं हूं. मेरा सारा मामला कोर्ट में है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव हो या कोई भी, वे सामने आकर हमसे बहस करें.

उन्होंने कहा कि बातें सकारात्मक होनी चाहिए. वे यह सलाह दें कि बिहार में कैसे क्लास रूम, टीचिंग समेत अन्य सुविधाओं को और अधिक बेहतर किया जाए. शिक्षा की गुणवत्ता को कैसे सुधारा जाए, इस पर बात होनी चाहिए, ना कि व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप होना चाहिए.

बता दें कि मेवालाल पर बीएयू सबौर में वीसी रहते  प्रोफेसर नियु्क्ति में धांधली करने का आरोप है. तत्कालीन वीसी रहे मेवालाल चौधरी पर आरोप लगने के बाद राज्यपाल के आदेश पर जांच कराई गई थी. हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस की जांच में उनपर लगे आरोप सही पाए गए थे. इस केस में मेवालाल चौधरी का भतीजा गिरफ्तार भी हुआ था वहीं पूर्व वीसी पर सबौर थाने में केस दर्ज हुआ था.