छवि बिगाड़ने वालो से चुनाव आयोग खफा, अपनाया आक्रामक रुख

लाइव सिटीज डेस्क : चुनाव आयोग इन दिनों काफी गुस्से में है. भारतीय निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर खुद के लिए “शक्ति” की मांग की है. ताकि वो खुद पर “बेबुनियाद आरोप” लगाकर छवि बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके.

दरअसल, हाल ही में संपन्न हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद कई राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग और EVM मशीन पर कई आरोप लगाये थे.  बहुत पोलटिकल पार्टियों ने कहा कि EVM मशीन में छेड़छाड़ कर भाजपा ने जीत दर्ज की है. और उसके बाद EVM से वोटिंग नहीं कराने की मांग बार-बार चुनाव आयोग से की जा रही थी.  इसके लिए कांग्रेस, आप, सीपीआई  और अन्य कई पार्टियों ने विरोध मार्च भी निकाला था.



बता दें कि दिल्ली की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इलेक्शन कमीशनर एके जोती और ओपी रावत पर भी पक्षपात करने का आरोप लगाया था. केजरीवाल के आरोप के बाद जोती और रावत को आम आदमी पार्टी से जुड़े मामलों से अलग कर लिया गया था. चुनाव आयोग ने तब कहा था कि वो नहीं चाहता कि उसकी विश्वसनीयता पर कोई आंच आए इसलिए ये फैसला लिया गया है.

इन सभी आरोपों को भारतीय निर्वाचन आयोग ने सिरे से खारिज करते हुए. सभी पार्टियों को ओपन चैलेंज दिया था कि वे चुनाव आयोग के कार्यालय में आकर EVM से छेड़छाड़ कर के दिखाए. लेकिन दो पार्टियों को छोड़ कर किसी पार्टी ने इस चैलेंज को स्वीकार नहीं किया.

जिसके बाद से खफा चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय से अपने लिए विशेष शक्ति की मांग की है. इंडियन एक्सप्रेस को मिली सूचना के अनुसार चुनाव आयोग चाहता है कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 में संशोधन करके चुनाव आयोग की बात न मानने वाले या उससे सहयोग न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दिया जाए. चुनाव आयोग ने विधि मंत्रालय को ये पत्र करीब एक महीना पहले लिखा था. इस पत्र पर विधि मंत्रालय अभी विचार कर रहा है.

चुनाव आयोग ने अपने पत्र में चुनाव आयोग ने पाकिस्तानी चुनाव आयोग समेत कई अन्य देशों के चुनाव आयोगों का हवाला दिया है। चुनाव आयोग के अनुसार इन देशों के चुनाव आयोग उनकी छवि बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं.

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