बिहार में अपराध को ले चुनाव आयोग गंभीर, 1142 में से 1105 आपराधिक मामले अभी भी लंबित

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : अभी विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल बना हुआ है, वहीं निर्वाचन आयोग चुनाव में अपराध को कैसे कम किया जाए, इसे लेकर गंभीर है. यही कारण है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले बिहार में बड़े पैमाने पर लटके आपराधिक मामलों को लेकर वह गंभीर है. पिछले लोकसभा चुनाव में 1142 मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से 1105 मामले कोर्ट में सुनवाई के लिए अभी तक लंबित हैं. आरोपित उम्मीदवारों पर कार्रवाई भी अदालती आदेश के बाद हो सकती है, इसको लेकर चुनाव आयोग ने सूची जारी की है.

उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बैजूनाथ कुमार सिंह ने लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज मामलों की सूची जारी की है. उन्होंने कहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कुल 1142 मामले उम्मीदवारों के खिलाफ 38 जिलों में दर्ज किए गए थे. इनमें से 30 मामलों में बिना चार्जशीट के पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट दर्ज कर दी है, जबकि सात मामले पुलिस अनुसंधान में लंबित हैं. बाकी 1105 मामलों में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया है.



उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि अपने अपने जिलों के डीएम जिला एवं सत्र न्यायाधीश से संपर्क कर इन मामलों की त्वरित सुनवाई का आग्रह करें. उम्मीदवारों के खिलाफ विभिन्न जिलों में दर्ज कई केस गंभीर किस्म के हैं, जिसमें उनके खिलाफ कार्रवाई अपेक्षित है. उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इसके साथ ही संबंधित जिलों के एसएसपी व एसपी को भी निर्देश दिया है कि औरंगाबाद में तीन तथा कटिहार, बेगूसराय, अररिया और नालंदा में एक मामला पुलिस अनुसंधान के लिए लंबित है, इन मामलों में तुरंत अनुसंधान की व्यवस्था की जाए.