बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने 11 अगस्त तक राजनीतिक दलों से मांगा सुझाव

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में इस साल अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. लेकिन कोरोना काल के होने के कारण इस पर अभी संशय है कि चुनाव समय पर होंगे. फिलहाल बिहार में चुनाव समय पर होंगे या नहीं यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है. चुनाव आयोग बिहार में विधानसभा चुनाव कराने के लिए तैयारी में जुटा हुआ है.

कोरोना संक्रमण काल के बीच चुनाव कैसे सुरक्षित तरीके से कराए जाएं इसके लिए बड़े स्तरों पर तैयारी की जा रही है. लेकिन बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक यहां के राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है. ऐसे में चुनाव आयोग ने एक बार फिर से तमाम राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे हैं. चुनाव आयोग ने 11 अगस्त तक सभी राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार और रैलियों को लेकर सुझाव देने को कहा है. 



चुनाव आयोग ने एक पत्र जारी करते हुए सभी राजनीतिक दलों को इस बात की सूचना दी है कि वह एक 11 अगस्त तक अपने सुझाव आयोग को भेज दें. इसके पहले चुनाव आयोग ने 17 जुलाई को सभी राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे थे. 31 जुलाई तक के सुझाव भेजने की अंतिम तारीख थी. कई राजनीतिक दलों ने अपने सुझाव आयोग के पास भेज भी दिए हैं, लेकिन अब तक कुछ राजनीतिक दल के विचार चुनाव आयोग के पास नहीं पहुंचे हैं. लिहाजा चुनाव आयोग ने एक बार फिर सुझाव भेजने की तारीख बढ़ाते हुए सब से राय मांगी है.

चुनाव आयोग ने 17 जुलाई को जो पत्र तमाम राजनीतिक दलों को भेजा था उसके बाद बीजेपी और जेडीयू ने आयोग के पास अपने सुझाव भेज दिए हैं. इन दोनों राजनीतिक दल की तरफ से डिजिटल कैंपेन और वर्चुअल रैली को सही माध्यम बताया गया है. जबकि, लोजपा के साथ-साथ राजद ने डिजिटल और वर्चुअल कैंपेन पर एतराज जताया है. इन दोनों दलों ने बिहार में फिलहाल विधानसभा चुनाव कराने लायक हालात नहीं बताए हैं. चुनाव आयोग को अभी कई अन्य दलों की तरफ से सुझाव मिलने का इंतजार है.